सतना मानिकपुर के बीच चलते-चलते दो हिस्सों में बंटी मालगाड़ी, मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग डेढ़ घंटे बाधित, 10 ट्रेनें प्रभावित
सतना-मानिकपुर के बीच एक मालगाड़ी की कपलिंग टूटने से वह दो हिस्सों में बंट गई। इस घटना से मुंबई-हावड़ा रेल ...और पढ़ें

HighLights
मालगाड़ी की कपलिंग टूटने से दो हिस्से हुए।
मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग एक घंटे बाधित रहा।
लगभग दस ट्रेनें प्रभावित, तकनीकी टीम मौके पर।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। सतना मानिकपुर के बीच बड़ा हादसा बच गया। चलते-चलते मालगाड़ी दो हिस्से में बंट गई। इससे गार्ड ने चालक को तुरंत जानकारी दी। ट्रेन के रुकने से डेढ़ घंटे मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग पूरी तरह से प्रभावित हो गया।
मुंबई हावड़ा रेल मार्ग पर रविवार की शाम को उस समय हडकंप मच गया जब सतना से सीमेंट कंकरीट लाद कर प्रयागराज की ओर जा रही एक मालगाड़ी दो हिस्से में बंट गई। बासा पहाड़ व मानिकपुर के बीच हुई इस घटना से डेढ़ घंटे रेल यातायात प्रभावित रहा। खासकर लंबे रूट की सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन के यात्रियों को आउटर व स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। जानकारी होते ही मानिकपुर व नैनी से विशेषज्ञ की टीम बुलाई गई लेकिन कंपलिंग जुड नहीं पाई। आखिरकार आधी ट्रेन मानिकपुर व आधी बांसा पहाड़ स्टेशन पर खड़ी कर रेल यातायात सुचारू कराया गया।
रविवार की शाम लगभग पांच बजकर 45 मिनट पर एक मालगाड़ी बासा पहाड़ और मानिकपुर के बीच अचानक दो हिस्सों में बंट गई। बताया जा रहा है कि गाड़ी की कपलिंग टूटने से यह हादसा हुआ, जिससे मुम्बई-हावड़ा रेल मार्ग पर करीब डेढ़ घंटे तक रेल यातायात पूरी तरह बाधित रहा। इस घटना का असर दूर-दूर तक देखने को मिला।
सुपरफास्ट ट्रेनों समेत एक दर्जन से अधिक गाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर जहां की तहां खड़ी रहीं। बाम्बे मेल, रीवांचल एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें भी इस व्यवधान की चपेट में आ गईं। छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस मानिकपुर आउटर पर करीब एक घंटे तक रुकी रही, वहीं काशी एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर एक पर लगभग 45 मिनट तक खड़ी रही। इसके अलावा मारकुंडी, टिकरिया, मझगवां, डभौरा और शंकरगढ़ जैसे स्टेशनों पर भी नॉन-स्टॉप ट्रेनें खड़ी नजर आईं।
उच्चाधिकारियों को दी जानकारी
मानिकपुर स्टेशन प्रबंधक शिवेश मालवीय ने बताया कि उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। तत्काल रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला,कपलिंग न जुड पाने से मालगाडी के दोनों हिस्सों को अलग अलग स्थान पर खड़ा करा रेल यातायात शाम सात बजकर 30 मिनट पर यथावत कर दिया गया। इस दौरान लगभग एक घंटा 45 मिनट तक ट्रेनों का आवागमन बाधित रहा।
रेल यात्रियों को परेशानी व भय
बांसा पहाड़ आउटर के आसपास घनघोर जंगल है। यहां पर सुपर फास्ट बांबे मेल को रोका गया था। ट्रेन में सफर कर रहे आशुतोष चक्रवर्ती ने बताया कि जंगल क्षेत्र में एक घंटे से ज्यादा समय तक ट्रेन रूकी रही। वह स्वजन के साथ बुरी तरह डरे रहे। मानिकपुर स्टेशन के आउटर पर खड़ी सारनाथ ट्रेन के यात्री महक सिंह ने बताया कि आउटर में ट्रेन खड़ी होने से उनके स्वजन पानी व नाश्ते के लिए परेशान रहे।
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