Manikpur MLA Report Card:सड़क और पुलों पर हुआ काम, बरगढ़ अस्पताल व चमरौंहा पुल का इंतजार जारी
मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र में चार वर्षों में 951 करोड़ के विकास कार्य हुए, जिनमें सड़क और पुल प्रमुख हैं। हालांकि, बरगढ़ अस्पताल और चमरौंहा पुल जैसी व ...और पढ़ें

HighLights
951 करोड़ के विकास कार्य हुए, सड़क-पुल प्रमुख।
बरगढ़ अस्पताल और चमरौंहा पुल की मांग अधूरी।
विधायक निधि से 2.90 करोड़ के 53 कार्य स्वीकृत।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। कभी डकैतों के आतंक और विकास की उपेक्षा के लिए चर्चित रहे मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले चार वर्षों के दौरान सड़क, पुल और आधारभूत ढांचे पर बड़े पैमाने पर काम हुआ। अपना दल (एस) के विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी के कार्यकाल में 124 से अधिक परियोजनाओं के तहत करीब 951 करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए।
यमुना नदी पर पुल, प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण, ग्रामीण संपर्क मार्ग और सिंचाई योजनाओं ने क्षेत्र की तस्वीर बदली है। हालांकि बरगढ़ में सामुदायिक अस्पताल और चमरौंहा में बरदहा नदी पर पुल जैसी वर्षों पुरानी मांगें अब भी अधूरी हैं, जिससे विधायक के चार साल के कार्यकाल पर सवाल भी खड़े होते हैं।
चार वर्षों में यमुना नदी पर 144 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण, मऊ-परदवा मार्ग का चौड़ीकरण, निही चरैया पुल, 25 लघु पुलों और ग्रामीण संपर्क मार्गों का निर्माण प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। किसानों के लिए 257 सिंचाई बोरिंग, 42 सोलर पंप और करीब नौ करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाएं शुरू हुईं।
विधायक निधि से लगभग 2.90 करोड़ रुपये के 53 विकास कार्य स्वीकृत कराए गए। मुख्यमंत्री त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत माराचंद्रा, शिवलिहाई और रामपुर बेलरी में सड़क, रपटा और चेकडैम परियोजनाओं पर भी काम शुरू हुआ। बरगढ़-मढ़ा, राजापुर-रैपुरा-मानिकपुर, राजापुर-रुपौली और बरगढ़-गुंड्याखुर्द मार्ग बनने से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत हुई। इसके बावजूद बरगढ़ क्षेत्र की करीब 50 हजार आबादी आज भी इलाज के लिए 20 किमी दूर मऊ सीएचसी या प्रयागराज पर निर्भर है।
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चमरौंहा में बरदहा नदी पर पुल न बनने से लगभग 20 गांव हर वर्ष बारिश में जिला और ब्लाक मुख्यालय से कट जाते हैं। वर्तमान में लोग रपटा के सहारे आवागमन करते हैं, जो बरसात में कई दिनों तक डूबा रहता है और हादसों का खतरा बना रहता है। पुल का सर्वे हो चुका है, लेकिन निर्माण अभी शुरू नहीं हो सका है। वहीं मानिकपुर-बोडी पोखड़ी संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण की मांग पर भी शासन स्तर पर पहल जारी है।
विधायक का कहना है कि दोनों परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं और स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा। दूसरी ओर विपक्ष का आरोप है कि सड़क निर्माण के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।
ये भी जानें
- मानिकपुर विधानसभा
- कुल: 3,21,576
- पुरुष: 1,76,658
- महिला: 1,44,914
- थर्ड जेंडर: 4
- सदन में उपस्थिति - शत प्रतिशत
- सदन में मांगी सूचनाएं -07
- सदन में लगाई गई प्रमुख याचिकाएं - 15
मानिकपुर के विकास को मैंने हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सड़क, पुल, सिंचाई और ग्रामीण संपर्क के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। दशकों से लंबित कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है। बरगढ़ अस्पताल और चमरौंहा में बरदहा नदी पर पुल मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इनके लिए मुख्यमंत्री स्तर तक प्रस्ताव भेजे गए हैं और स्वीकृति मिलते ही निर्माण शुरू कराया जाएगा। मेरा प्रयास है कि विकास की गति लगातार बनी रहे और विधानसभा के अंतिम गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचें। जनता का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है और उसी के अनुरूप कार्य करता रहूंगा।
अविनाश चंद्र द्विवेदी, विधायक, मानिकपुर
विधायक ने सड़क और पुलों पर काम किया है, लेकिन मानिकपुर जैसे पिछड़े क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। बरगढ़ में अस्पताल आज भी सबसे बड़ी जरूरत है। चमरौंहा पुल बनने से 20 गांवों को राहत मिलेगी और मध्य प्रदेश के रीवा से सीधा संपर्क स्थापित होगा। मारकुंडी क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय की भी आवश्यकता है। सबसे गंभीर समस्या बेरोजगारी है। रोजगार के अवसर नहीं बढ़ने से बड़ी संख्या में युवाओं का पलायन जारी है। आने वाले समय में इन्हीं मुद्दों पर प्राथमिकता से काम होना चाहिए।
वीर सिंह पटेल, सपा प्रत्याशी रनर
लोगों की प्रतिक्रिया
सड़क और पुलों के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन पहले की तुलना में बेहतर हुआ है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं अभी भी बड़ी चुनौती हैं। बरगढ़ में अस्पताल होना चाहिए। इससे ग्रामीणों को राहत मिलेगी, लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
चंद्रमणि शुक्ला, मनका
विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने मेरे घर के सामने सौर ऊर्जा लाइट लगवाई है। इससे रात में पूरे मोहल्ले में रोशनी रहती है और लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलती है। यह जनहित का अच्छा कार्य है, लेकिन अस्पताल में सुविधा बढ़नी चाहिए।
पप्पू यादव, कटैया खादर
मानिकपुर सीएचसी में महिला चिकित्सक की कमी सबसे बड़ी समस्या है। महिलाओं को सामान्य इलाज के लिए भी सतना या प्रयागराज जाना पड़ता है। विधायक को प्राथमिकता के आधार पर महिला चिकित्सक की तैनाती करानी चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
राजेंद्र प्रसाद केसरवानी, व्यापारी
मानिकपुर, राजापुर और मऊ में आज भी स्थायी बस स्टैंड नहीं है। यात्रियों को धूप, बारिश और सर्दी में सड़क किनारे बस का इंतजार करना पड़ता है। मानिकपुर धार्मिक और रेलवे जंक्शन होने के कारण यहां बस स्टैंड का निर्माण बेहद जरूरी है। विधायक को इस दिशा में पहल करनी चाहिए।
चंद्रिका यादव, मानिकपुर