सपा के ‘पीडीए’ कार्ड पर सीएम योगी का हमला, कन्नौज मेडिकल कालेज के नाम बदलने पर घेरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट से सपा के 'पीडीए' अभियान पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से डॉ. आंबेडकर ...और पढ़ें
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जनसभा को संबोधित करते सीएम योगी आदित्यनाथ। सूचना विभाग
HighLights
मुख्यमंत्री योगी ने चित्रकूट से सपा के 'पीडीए' पर साधा निशाना
कन्नौज मेडिकल कॉलेज से डॉ. आंबेडकर का नाम हटाने का आरोप
योगी ने सपा को परिवारवाद और जातिवाद पर घेरा
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। तपोभूमि की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास के साथ सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। भगवान श्रीराम की तपोभूमि से उन्होंने समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के राजनीतिक अभियान पर निशाना साधते हुए बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर के सम्मान का मुद्दा उछाला। उन्होंने आरोप लगाया कि जो दल आज बाबा साहब के नाम पर राजनीति करते हैं, सत्ता में रहते हुए उन्होंने कन्नौज मेडिकल कालेज से डॉ. आंबेडकर का नाम हटा दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का आचरण दोहरा है। एक ओर वे बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर के सम्मान की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके नाम और विरासत का सम्मान नहीं करते। उन्होंने कन्नौज मेडिकल कालेज का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने वहां से बाबा साहब का नाम हटा दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज दलित हितैषी होने का दावा कर रहे हैं, उनके कार्यकाल के फैसले उनकी कथनी और करनी का अंतर बताते हैं। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद और जातीय राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद उनकी प्राथमिकता केवल एक परिवार तक सीमित रह जाती है। उन्होंने कहा कि विकास की बजाय समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर बांटने की राजनीति की जाती है, जिससे सामाजिक ताना-बाना कमजोर होता है।
उन्होंने लालापुर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सपाईयों के गुंडों ने वहां भी कब्जे की कोशिश हुई थी, लेकिन उनकी सरकार थी तो घुस नहीं पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बाबा साहब, महर्षि वाल्मीकि और भगवान श्रीराम, तीनों की विरासत का समान सम्मान करते हुए विकास और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ा रही है। चित्रकूट से कन्नौज का उदाहरण देकर मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के साथ-साथ प्रदेश के दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं तक भी स्पष्ट राजनीतिक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया।