देवरिया जिला कारागार में निरुद्ध 82 साल के बंदी की तबीयत बिगड़ने से मौत, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
देवरिया जिला कारागार में भूमि विवाद के मामले में निरुद्ध 82 वर्षीय बंदी हकीक की तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई। ...और पढ़ें

बंदी की मृत्यु के बाद मेडिकल कालेज में हंगामा करते स्वजन और मृत हकीक की फाइल फोटो
HighLights
82 वर्षीय बंदी हकीक की देवरिया जेल में मृत्यु।
भूमि विवाद के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध था।
परिजनों ने जेल प्रशासन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया।
जागरण संवाददाता, देवरिया। भूमि विवाद से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध 82 वर्षीय बंदी की गुरुवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मृत्यु हो गई। बंदी को आनन-फानन में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे मृतक के पुत्र एजाज व स्वजन ने जेल में उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। वहीं जेल प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताते हुए बंदी की तबीयत बिगड़ते ही तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।
मृतक हकीक पुत्र मोहम्मदीन अंसारी निवासी भटवा, थाना चौरा खास (पूर्व में पटहेरवा), जनपद कुशीनगर का रहने वाला था। वह मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित था। गुरुवार को दोपहर में उसने पेट दर्द और तबीयत खराब होने की शिकायत बंदी रक्षकों से की।
27 जुलाई को जिला कारागार भेजा गया था
सूचना मिलते ही जेल चिकित्सक अशीष रंजन व जेल के डॉक्टर राहुल त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और बंदी का प्राथमिक उपचार किया गया। हालत में सुधार न होने पर एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
खबरें और भी
हकीक को भूमि विवाद में धोखाधड़ी के एक मामले में 27 जुलाई को जिला कारागार भेजा गया था। यह मुकदमा 29 अक्टूबर 2025 को कोतवाली में दर्ज हुआ था। इसी मामले में उसका भाई रफीक भी जिला कारागार में निरुद्ध है।
जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदी की तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही तत्काल चिकित्सकीय उपचार कराया गया और बिना विलंब किए मेडिकल कालेज पहुंचाया गया। उन्होंने मृतक के स्वजन के आरोपों को निराधार बताया। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के शव को मोर्चरी में रखवा दिया।