Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    आय से अधिक संपत्ति मामले में गैंगस्‍टर की 2.10 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त, कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में दिया आदेश

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 07:02 PM (IST)

    देवरिया की एक अदालत ने गैंगस्टर हृदयानंद यादव की 2.10 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है। यह संपत्ति उसकी वैध आय से कहीं अध ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. गैंगस्टर हृदयानंद यादव की संपत्ति जब्त करने का आदेश।

    2. 2.10 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति।

    3. अदालत ने वैध आय से अधिक संपत्ति पाई।

    विधि संवाददाता, देवरिया। अपर सत्र न्यायाधीश जगन्नाथ की अदालत ने मंगलवार को गैंग्सटर हृदयानंद यादव की दो करोड़, 10 लाख, 67 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति राज्य सरकार के पक्ष में जब्त करने का आदेश दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि आरोपित ने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित कर उसे पत्नी, माता और भाई के नाम पर खरीदा था।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार तत्कालीन पुलिस अधीक्षक की संस्तुति पर तत्कालीन जिलाधिकारी अमित किशोर ने 16 जनवरी 2021 को गैंग्सटर कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर हृदयानंद यादव की संपत्ति जब्त करने का अनुरोध किया था। हृदयानंद यादव को 10 आपराधिक मुकदमों में वांछित हिस्ट्रीशीटर तथा तार बाबू गैंग का सरगना बताया गया था।

    विशेष लोक अभियोजक वाचस्पति मिश्र ने अदालत को बताया कि बनकटा थाना क्षेत्र के ग्राम रुस्तमपुर बहियारी निवासी हृदयानंद यादव ने आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन के बल पर अपनी पत्नी सीमा देवी, माता राना देवी और भाई दयाराम यादव के नाम सलेमपुर क्षेत्र के पिपरा मोहन में लाखों रुपये की अचल संपत्तियां खरीदी थीं। इसके अलावा दो ट्रक और अन्य वाहन भी परिजनों के नाम से खरीदे गए थे।

    सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपित की मासिक आय मात्र सात हजार रुपये थी। अदालत ने माना कि इतनी सीमित आय में करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित करना संभव नहीं है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने जिलाधिकारी के जब्ती आदेश को विधिसम्मत ठहराते हुए पत्नी, माता और भाई की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी।

    खबरें और भी

    अदालत ने दो करोड़, 10 लाख, 67 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति राज्य सरकार के पक्ष में जब्त करने का आदेश दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार हृदयानंद यादव के विरुद्ध जनपद के विभिन्न थानों में 10 मुकदमे दर्ज हैं। उसके आपराधिक गतिविधियों के कारण क्षेत्र में लंबे समय तक भय और दहशत का माहौल बना रहा।