यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Deoria Murder Case: जुड़ने लगी हत्याकांड की कड़ी से कड़ी, पुलिस को अब इस शख्स की तलाश, सामने आ जाएगा पूरा सच
देवरिया हत्याकांड के बाद पुलिस इस मामले की सिलसिलेवार कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने लाइसेंसी असलहा आरोपित के निशानदेही प ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। Deoria Murder Case: फतेहपुर नरसंहार के बाद अब इस हत्याकांड को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे है, जिनके जवाब की तलाश पुलिस बारीकी से जांच कर पता लगाने में जुटी हुई है। हत्या के 13 दिन बाद पुलिस के जांच में कुछ ऐसी कड़ी हाथ में लगी है जो इस पूरे हत्याकांड को एक नए मोढ़ पर लाकर खड़ा कर रही है।
चर्चा है कि जिस प्रेमचंद के लाइसेंसी असलहा से मुख्य आरोपित नवनाथ मिश्रा ने सत्यप्रकाश दूबे के तीन स्वजन की गोली मारकर हत्या कर दी। आखिर उसे किसने सौंपा। आखिर प्रेमचंद के परिवार का वह कौन सदस्य है, जिसने असलहा उसे लाकर दे दिया। आखिर दोनों दोस्त गोलू और संदीप कैसे घटनास्थल पर लेकर पहुंच गए? जिसे नवनाथ ने अपने शागिर्द की मृत्यु देख आक्रोशित होकर सत्यप्रकाश दूबे , उनकी पुत्री और पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस के विवेचना का भी प्रमुख बिंदू
अंदरखाने की माने तो अब तक की जांच में यह सबूत मिल चुका है कि घटनास्थल पर प्रेमचंद असलहा लेकर नहीं गए थे। आखिर वह असलहा घर में से दोनों दोस्तों को कितने सौंपा यह पुलिस के विवेचना का भी प्रमुख बिंदू है। पुलिस उस किरदार की तलाश कर रही हैं।
निशानदेही पर बरामद हुआ था हथियार
घटना के बाद सिलसिलेवार कड़ियों को जोड़ने में जुटी पुलिस को भी उसकी तलाश है जिसने घर में से लाकर असलहा मुहैया कराया था। घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने उसी लाइसेंसी असलहा को आरोपित के निशानदेही पर झाड़ी से बरामद किया था। शस्त्र अधिनियम में यह प्रावधान है कि जिस व्यक्ति के नाम से असलहा का लाइसेंस जारी होता है। वही उसका अपनी आत्मरक्षा के लिए प्रयोग कर सकता है।