देवरिया में राप्ती नदी के कपरवार घाट पर नए फोरलेन सेतु की जगी आस, आसान होगा सफर
देवरिया के कपरवार में राप्ती नदी पर एक नए फोरलेन सेतु का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे 3 नवंबर की ...और पढ़ें
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तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
कपरवार में राप्ती नदी पर नए फोरलेन सेतु का प्रस्ताव भेजा गया।
3 नवंबर को वार्षिक योजना में शामिल होने की प्रबल उम्मीद।
पुराने सेतु की समस्या हल होगी, आवागमन निर्बाध बनेगा।
जागरण संवाददाता, देवरिया। कपरवार में राप्ती नदी पर बना उग्रसेन सेतु बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहा है। सेतु पर गड्ढे बनने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। दशकों पुराने इस सेतु की कम चौड़ाई और बढ़ते यातायात के दबाव ने अब समानांतर नए फोरलेन सेतु की जरूरत बढ़ा दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे रामजानकी मार्ग (एनएच-227ए) पर नए सेतु का प्रस्ताव अगस्त में भेजा गया है।
तीन नवंबर को दिल्ली में मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में प्रस्ताव को वार्षिक योजना में शामिल किए जाने की उम्मीद है। नए फोरलेन सेतु के निर्माण से ही कसया-देवरिया-सोनूघाट-बरहज होते हुए वाराणसी तक प्रस्तावित नार्थ-साउथ कारिडोर पर निर्बाध आवागमन की राह आसान हो सकेगी।
भारतमाला परियोजना के तहत गोरखपुर के बड़हलगंज से मेहरौनाघाट तक रामजानकी मार्ग का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। कपरवार-बरहज खंड में कपरवार के पास लगभग दो किलोमीटर तक सड़क की चौड़ाई 14 मीटर रखी गई है, जबकि इसके आगे यह 10 मीटर रह जाती है।
दूसरी ओर, उग्रसेन सेतु की सीमित चौड़ाई और भारी वाहनों का बढ़ता दबाव आवागमन को प्रभावित कर रहा है। पहले भी सेतु के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में नए सेतु के साथ कपरवार से बरहज के बीच आबादी से बाहर ग्रीनफील्ड बाईपास बनाने की जरूरत भी महसूस की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास को प्रस्तावित सोनूघाट-बरहज फोरलेन से जोड़ने पर कपरवार और बरहज में भारी वाहनों का दबाव कम होगा। इससे नार्थ-साउथ कारिडोर पर भी यातायात सुगम हो सकेगा।
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598.92 करोड़ रुपये से बन रहा रामजानकी मार्ग
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की परियोजना क्रियान्वयन इकाई, गोरखपुर की ओर से किमी 131.500 से 188.735 तक कुल 57.235 किलोमीटर लंबे रामजानकी मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें देवरिया जिले का 39.094 किलोमीटर हिस्सा शामिल है।
598.92 करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना का कार्य चार नवंबर 2024 को शुरू हुआ था और इसे तीन मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। गोरखपुर सीमा से कुंडौली तक सड़क को 10 मीटर चौड़ा किया जा रहा है, जबकि कुंडौली से मेहरौना सीमा तक 20 मीटर चौड़ी फोरलेन सड़क बनाई जा रही है।
कपरवार के सामने राप्ती नदी पर नए सेतु के निर्माण का प्रस्ताव अगस्त में भेजा गया है। तीन नवंबर को दिल्ली में होने वाली बैठक में इसके वार्षिक योजना में शामिल होने की उम्मीद है। वार्षिक योजना में शामिल होने और सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद डीपीआर तैयार कराने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी।
-नुसरतुल्लाह खान, परियोजना प्रबंधक, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की परियोजना क्रियान्वयन इकाई, गोरखपुर।
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