Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    देवरिया में म्यूल खातों से साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 07:29 PM (IST)

    गौरीबाजार पुलिस ने म्यूल बैंक खातों और क्रिप्टो ट्रेडिंग ऐप के जरिए साइबर धोखाधड़ी करने वाले 24 सदस्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. गौरीबाजार पुलिस ने 24 सदस्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया।

    2. म्यूल बैंक खातों और क्रिप्टो ट्रेडिंग ऐप का उपयोग कर करते थे ठगी।

    3. चार आरोपी गिरफ्तार, ₹52,000 नकद और फर्जी दस्तावेज बरामद।

    जागरण संवाददाता, देवरिया। म्यूल बैंक खातों व क्रिप्टो ट्रेडिंग एप के जरिए साइबर फ्रॉड की रकम को खपाकर अवैध कमाई करने वाले गिरोह का गौरीबाजार पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह में 24 लोग शामिल थे। पुलिस ने इनमें चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से दो पाइनलैब फोन-पे पीओएस मशीन, अलग-अलग नाम से बने एक ही नंबर के तीन आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड व 52 हजार रुपये नकद समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।

    शहर के साकेतनगर का रहने वाला पवन वर्मा पुत्र पप्पू वर्मा ने गौरीबाजार पुलिस को तहरीर देकर इसराफिल पुत्र कलामुद्दीन व अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच के दौरान यह पता चला कि मुकदमा दर्ज कराने वाला पवन वर्मा व तीन अन्य लोग मिलकर बाइनेंस, टीजी एक्सचेंज व आइपे एप के माध्यम से अन्य लोगों का म्यूल बैंक खाता, आधार कार्ड, पैन व सिमकार्ड का प्रयोग कर अकाउंट निर्मित करते हैं।

    इसके बाद उस अकाउंट में क्रेडिट व कैश के आधार पर डिजिटल करेंसी की खरीद-फरोख्त कर अवैध धन अर्जित करते हैं। इस फर्जीवाड़े में इनके अलावा इसराफिल, निखिल मणि त्रिपाठी, विशाल, शुभम मणि, रोशन वर्मा, वारिस वर्मा, असलान उर्फ इरफान समेत उसके अन्य साथी भी शामिल हैं।

    पुलिस की मानें तो इसमें रोशन वर्मा व वारिस वर्मा की ओर से अवैध डिजिटल करेंसी व साइबर फ्रॉड के धन को जालसाजी से लांड्रिंग, लेयरिंग व कैश आउट करने के लिए किया जा रहा था। जबकि विशाल मिश्र, शुभम मणि त्रिपाठी व अभिषेक की ओर से नगदी रुपयों को लेकर डिजिटल करेंसी अपने वालेट से इनके वालेट में भेजने का काम किया जा रहा था।

    खबरें और भी

    डिजिटल करेंसी को भारतीय रुपये में परिवर्तित कर उस धनराशि को म्यूल खाते से निकासी करने के लिए म्यूल खाता ओसामा, इरशाद व सैफ उपलब्ध कराते थे। वहीं अन्य लोग प्राप्त होने वाले अवैध धनराशि से डिजिटल करेंसी की खरीद-फरोख्त करते थे, जिसमें इसराफिल भी इनका सहयोगी था।

    मामले में पुलिस ने 24 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। वहीं गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस ने जिन चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, उनमें पवन वर्मा पुत्र पप्पू वर्मा निवासी साकेतनगर सदर कोतवाली, शुभम सिंह पुत्र इंद्रजीत सिंह कांशीराम आवास साकेत नगर, सैफ अंसारी पुत्र हफीज अंसारी निवासी लाहिलपार थाना बरियारपुर व रोशन वर्मा पुत्र विन्ध्याचल प्रसाद वर्मा निवासी आदर्श नगर शामिल हैं।

    यह भी पढ़ें- देवरिया में रंजिश के चलते युवक के पेट में पेचकस से हमला, हालत गंभीर

    शुभम के घर से बरामद हुआ सामग्री

    पुलिस ने आरोपित शुभम सिंह के घर से दो सिम कार्ड सिम बाउल, दो पाइनलैब फोन-पे पीओएस मशीन, एक ही नंबर के अलग-अलग नाम से तीन आधार कार्ड, एक इंडियन बैंक की मुहर, एक पैन कार्ड, एक निर्वाचन कार्ड, दो एटीएम कार्ड, चार पीएनबी एटीएम कार्ड व 52 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

    एक दर्ज मुकदमे की जांच में पता चला कि पवन व उसके सहयोगी साइबर फ्राड का पैसा म्यूल अकाउंट में मंगाते हैं और उसी साइबर फ्राड के पैसे से डिजिटल करेंसी की खरीद-फरोख्त कर अवैध धन अर्जित करते हैं। इस संबंध में 24 आरोपितों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। इनमें चार आराेपितों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

                                                                  गौरव कुमार सिंह, सीओ सलेमपुर, प्रभारी साइबर सेल