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    देवरिया में कंकाल की गुत्थी बरकरार, सिर और कुछ हड्डियां मिलीं, बाकी शव कहां?

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 12:51 PM (GMT+05:30)

    देवरिया के सुंदरपार मिश्रौली गांव में गन्ने के खेत में मिले संदिग्ध मानव कंकाल की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझी है, जिसमें केवल सिर और कुछ हड्डियां मिली है ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. देवरिया में गन्ने के खेत में मिला मानव कंकाल।

    2. गुमशुदा महिला की मां का डीएनए नमूना लिया गया।

    3. मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से सुराग की तलाश।

    संवाद सूत्र, बनकटा, (देवरिया)। सुंदरपार मिश्रौली गांव के गन्ने के खेत में मिले संदिग्ध मानव कंकाल अवशेष की जांच अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है। कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को सिर और कुछ हड्डियों के अलावा शरीर के अन्य अवशेष नहीं मिले हैं।

    ऐसे में यह मामला लगातार रहस्यमय होता जा रहा है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि बरामद अवशेष किसी महिला के हैं तो उसके शरीर का शेष भाग कहां है और वह किन परिस्थितियों में वहां पहुंचा।

    पुलिस ने बरामद अवशेषों का पोस्टमार्टम कराने के साथ पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। गुमशुदा महिला से संबंध होने की आशंका के चलते उसकी मां का डीएनए नमूना लिया गया है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद कंकाल उसी महिला का है या किसी अन्य का।

    जांच के दौरान घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन की काल डिटेल भी खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों से घटना के पीछे की परिस्थितियों और संभावित संदिग्धों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

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    इसके अलावा डाग स्क्वायड की प्रशिक्षित स्वान ''रानी'' को भी मौके पर बुलाया गया था। उसने खेत और आसपास के इलाके में काफी देर तक खोजबीन की, लेकिन कोई ऐसा सुराग नहीं मिला जिससे बाकी अवशेषों का पता चल सके या घटना की कड़ियां जुड़ सकें।

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    जांच अधिकारी अब हर संभावित पहलू पर काम कर रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं शव के अन्य हिस्सों को साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से दूसरी जगह तो नहीं ले जाया गया, या फिर लंबे समय तक खुले में पड़े रहने के कारण जंगली जानवर उन्हें बिखेर ले गए। दुर्घटना, हत्या और अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर वैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी मनोज कुमार का कहना है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। डीएनए, फोरेंसिक और तकनीकी जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।