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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    देवरिया में बाढ़ का कहर, खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू नदी; महर्षि देवरहा बाबा आश्रम मार्ग का संपर्क टूटा

    Updated: Tue, 17 Sep 2024 06:45 PM (IST)

    देवरिया में बाढ़ का कहर जारी है। सरयू राप्ती गोर्रा और छोटी गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिससे तटवर्ती गांवों के लोग चिंतित हैं। तीसरी बार दे ...और पढ़ें

    देवरिया में सरयू के उफान पर होने से बाढ़ का कहर
    देवरिया में सरयू के उफान पर होने से बाढ़ का कहर

    HighLights

    1. आरती घाट जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी
    2. देवरहा बाबा आश्रम तीसरी बार जलमग्न
    3. कई गांवों में पानी पहुंचने से जंतुओं का खतरा

    जागरण संवाददाता, देवरिया। जिले में सरयू ,राप्ती एवं गोर्रा तथा छोटी गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिसकी वजह से तटवर्ती गांव के लोग चिंतित हैं। दूसरी तरफ सरयू नदी एक बार फिर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। उधर तीसरी बार देवरहा बाबा आश्रम मार्ग पर पानी बह रहा है। जिसकी वजह से आश्रम का सम्पर्क टूट गया है। श्रद्धालु नरियांव गांव से वापस लौट रहे हैं ।

    भागलपुर -मईल सड़क मार्ग पर भी सरयू नदी के पानी का दबाव बना हुआ है। बरहज के दियारा क्षेत्र के दशरसिया टोला, बिचला टोला, हरिनारायण यादव टोला के करीब बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। सिंचाई विभाग के बाढ़ कार्य खंड ने बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है।

    जलस्तर में दो से 12 सेमी की बढ़ोतरी

    मंगलवार की शम बरहज में सरयू नदी 67.85 मीटर पर बह रही थी। इसी तरह से राप्ती नदी 68.50 मीटर पर स्थिर है। दूसरी तरफ गोर्रा नदी का जलस्तर 68.85 व छोटी गंडक 62.55 मीटर पर बह रही है। सभी नदियों के जलस्तर में दो से 12 सेमी की वृद्धि हुई है। सरयू नदी का खतरे का निशान 66.50 मीटर है। बरहज संवाददाता के अनुसार बरहज नगर के पटेल नगर से आरती घाट जाने वाले सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है।

    पटेल नगर के झींगुर राजभर, रामविलास राजभर, एवनट्रेलर, ओमप्रकाश, अशोक जैसवाल, रविदास मंदिर, परदेशी, नरसिंह, गुलजार राजभर के घर तक पहुंच गया है।जिससे लोगों को आने-जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।परसिया देवार के ग्राम प्रधान शंकर प्रसाद ने बताया कि दश रसिया टोला, चौधरी पुरा,नकईलवा के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

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    घरों में हर समय रेंगने वाले जंतुओं का खतरा

    उधर विशुनपुर देवार के ग्राम प्रधान ओमप्रकाश यादव ने बताया ने बताया कि गांव के स्कूलीहवा टोला, कतलीहवा टोला ,लोहार टोला, चौहान बस्ती , पुरानी हरिजन बस्ती के फूलचंद, राजकुमारी, वीरेंद्र, मुन्ना, सिंहासन, चंद्रावती देवी, के घर के पास पहुंच गया है। घरों में हर समय सांप और बिच्छुओं का खतरा बना हुआ है।

    भागलपुर संवाददाता के अनुसार पानी बढ़ने से भागलपुर मुख्य चौराहे के पिछे देवसिया गांव के पास हो रहा कटान रुक गया है। बलिया उत्तर बलिया दक्षिण भागलपुर तटवर्तीय खेतों में धान की फसलडूब गई है। भागलपुर देवसिया, छित्तूपुर, नरियांव, मईल मईलौटा, तेलियां कला, बलिया उत्तर, बलिया दक्षिण, सहियां गढ़, तकिया धराहरा आदि तटवर्ती गांव के लोग बाढ़ के खतरे से भयभीत हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राधेश्याम प्रसाद व सहायक अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने क्षेत्र का दौरा किया।

    प्रभारी निरीक्षक ने स्टीमर से किया बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण

    बरहज थाना क्षेत्र के प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र रागरगंज,परसिया देवार ,गौरा , कटईलवा सहित अन्य गांवो का स्टीमर से निरीक्षण किया । कहा कि पुलिस हर समय लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखे हुए है। दियारा क्षेत्र में नाव से जाने वालो लोगों को सतर्कता पूर्वक यात्रा करने की जरूरत है। हलाकि प्रशासन सरकारी नाव पर प्रतिबंध है। लोगो से अपील करते हुए कहा है कि बाढ़ का पानी एक दो दिन में कम होने के आसार है। पानी कम होते ही स्थिति सामान्य हो जायेगी।

    जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर खतरा बढ़ा

    दोआबा में राप्ती और गोर्रा नदियों का जलस्तर कम बढ़ने से तटवर्ती गांवों औ र तटबंधो पर खतरा बढ़ता जा रहा है। नदियां खतरे के निशान 70:50 के करीब पहुंच रही है। इससे दोआबा पर खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही दोआबा से गुजरने वाले नालों में उफान आ गया है। मंझना नाले,बथुआ और कूर्ना का जलस्तर भी बढ़ रहा है।

    नदियों का बढ़ता जलस्तर तिघरा मराक्षी तटबंध, पिड़रा-करनपुर, मांझाभीमसेन, पिड़रा-भुसउल समेत अन्य तटबंधों पर लगातार दबाव बना रहा है। इससे तटवर्ती गांव भेड़ी,एकौना, ईश्वरपुरा, छपरा बुजुर्ग,नगवां खास , पिड़री के किनारे कटान का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर ग्रामीण काफी चिंतित हैं।

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