उग्रसेन सेतु की खामी दूर करने को कानपुर-लखनऊ और गाजियाबाद से बुलाई गईं कंपनियां, गड्ढा होने से आवागमन ठप
बरहज में सरयू नदी पर बने उग्रसेन सेतु पर गड्ढा होने के कारण आवागमन बंद कर दिया गया है, जिससे कई प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी बाधित हो गई है। इसकी तकनीक ...और पढ़ें

सेतु की खामी दूर करने को कानपुर, लखनऊ व गाजियाबाद की कंपनियां बुलाई गईं।
HighLights
उग्रसेन सेतु पर गड्ढे के कारण सभी वाहनों का आवागमन बंद।
कानपुर, लखनऊ, गाजियाबाद की विशेषज्ञ कंपनियां मरम्मत के लिए बुलाई गईं।
यात्रियों को 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
संवाद सूत्र, बरहज। सरयू नदी पर बने उग्रसेन सेतु के पश्चिमी सिरे पर गड्ढा हो जाने के बाद उसकी तकनीकी जांच व मरम्मत के लिए कानपुर, लखनऊ व गाजियाबाद की विशेषज्ञ कंपनियों को बुलाया गया है।
सेतु पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन बंद होने से बड़हलगंज, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी और बिहार को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग बाधित हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने भारी व हल्के दोनों प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
भागलपुर के पास सरयू नदी पर स्थित पुल पहले से ही क्षतिग्रस्त होने के कारण उग्रसेन सेतु बलिया जाने का प्रमुख वैकल्पिक मार्ग था। अब इसके भी बंद हो जाने से यात्रियों और मालवाहक वाहनों की परेशानी और बढ़ गई है।
भारी वाहनों को गोरखपुर के बड़हलगंज से हाटा बाजार होते हुए असवनपार के सामने राप्ती नदी पर बने पुल के रास्ते नगवाखास होकर नारायणपुर स्थित गोर्रा नदी के पुल से होकर रुद्रपुर भेजा जा रहा है।
इस डायवर्जन से वाहनों को करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है और लगभग 45 मिनट अधिक समय लग रहा है। गोरखपुर की ओर सड़क संकरी होने के कारण यातायात भी प्रभावित हो रहा है। कुछ वाहन राप्ती नदी के करहकोल घाट व गोर्रा नदी पर बने पिड़रा घाट पुल के रास्ते भी आवागमन कर रहे हैं।
गंतव्य तक पहुंचने में लग रहा समय
ट्रक चालक हरिकेश व दूधनाथ ने बताया कि लंबा चक्कर लगाने से डीजल की खपत बढ़ गई है। गंतव्य तक पहुंचने में काफी अधिक समय लग रहा है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से पर्याप्त डायवर्जन बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। इसके चलते बाहर से आने वाले वाहन चालक रास्ता भटक रहे हैं व कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन रही है।
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पटनवा जा रहीं मालती देवी ने बताया कि उन्हें बीमार रिश्तेदार से मिलने जाना है, लेकिन मार्ग बदलने से काफी देर हो जाएगी। सोनू यादव ने कहा कि उन्हें बलिया के भीमपुरा पहुंचना है, अब यात्रा में करीब चार घंटे अधिक लगेंगे। मनीष सिंह ने बताया कि बड़हलगंज जाने का सही रास्ता नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पांच दिन में मरम्मत शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी
उग्रसेन सेतु का निरीक्षण करने शुक्रवार को कांग्रेस प्रवक्ता रवि प्रताप सिंह व समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव अर्जुन सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। उन्होंने छोटे वाहनों के आवागमन पर भी रोक लगाए जाने पर नाराजगी जताते हुए परियोजना प्रबंधक से वार्ता की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पांच दिनों के भीतर मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
सेतु की तकनीकी जांच व मरम्मत के लिए लखनऊ, कानपुर व गाजियाबाद की विशेषज्ञ एजेंसियों को बुलाया गया है। दो से तीन दिन में मरम्मत कार्य शुरू करा दिया जाएगा। -नुसरत खान, परियोजना प्रबंधक, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय गोरखपुर।