एटा में 185 करोड़ रुपये से बनेगा 16 KM लंबा बाईपास, लाखों वाहन चालकों को जाम से मिलेगी राहत
एटा में 185 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 16 किलोमीटर लंबे बाईपास परियोजना को रेलवे से एनओसी मिलने ...और पढ़ें

जाम की फाइल फोटो।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, एटा। लंबे समय से प्रस्तावित सुन्ना से छछैना तक बनने वाले बाईपास परियोजना की राह में आ रही बड़ी बाधा दूर हो गई है। रेलवे विभाग से एनओसी मिलने के बाद अब परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही पुल निर्माण सहित अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि अब निर्माण संबंधी अगली कार्रवाई जल्द शुरू की जाएगी।
रेलवे से एनओसी मिलते ही बाईपास परियोजना को मिली रफ्तार
करीब 16 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित बाईपास का निर्माण 185 करोड़ रुपये की लागत से किया जाना है। यह मार्ग सुन्ना से कमसान तक जाने वाली हजारा नहर की एलजीसी पटरी से होकर निकलेगा। इसके बाद मार्ग कमसान नहर पुल, हिम्मतपुर बंबा होते हुए शिकोहाबाद रोड तक पहुंचेगा। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के भीतर बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना है।
लोक निर्माण विभाग ने तैयारियां कीं तेज
बाईपास मार्ग के बीच रेलवे लाइन पड़ने के कारण रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए रेलवे विभाग की अनुमति आवश्यक थी। लंबे समय से यह प्रक्रिया लंबित चल रही थी, जिससे परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही थी। अब रेलवे द्वारा एनओसी जारी किए जाने के बाद लोक निर्माण विभाग ने तकनीकी तैयारियों को तेज कर दिया है।
सुन्ना से छछैना तक 16 किलोमीटर लंबे बाईपास निर्माण का रास्ता साफ
अधिकारियों के अनुसार परियोजना के अंतर्गत आठ किलोमीटर लंबा हिस्सा प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाया जाएगा। इसके लिए डिजाइन, भूमि और अन्य तकनीकी औपचारिकताओं पर कार्य शुरू कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर निर्माण कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने की रणनीति तैयार की जा रही है।
दिन भर जाम की रहती है स्थिति
शहर में वर्तमान समय में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। जीटी रोड, शिकोहाबाद रोड और प्रमुख बाजार क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बाईपास बनने से बाहरी वाहनों को शहर के बाहर से ही वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा। स्थानीय व्यापारियों और लोगों का मानना है कि बाईपास बनने से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि जनपद के विकास को भी नई गति मिलेगी।
रेलवे से एनओसी मिलने के बाद परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। विभाग जल्द ही निर्माण संबंधी अगली प्रक्रिया शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि बाईपास बनने से शहर को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
आदर्श कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड प्रथम
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