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    एटा में अरिंद नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़े, 15 हजार बीघा फसल पानी में डूबी; किसान परेशान

    By Anil Kumar Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Fri, 17 Jul 2026 07:39 PM (IST)

    एटा में लगातार बारिश से अरिंद नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे लगभग 15 हजार बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। जलेसर और निधौली कलां क्षेत्रों में 25 हजार से ...और पढ़ें

    खेतों में घुसा अरिंद नदी का पानी।

    खेतों में घुसा अरिंद नदी का पानी।

    जागरण संवाददाता, एटा। लगातार हो रही वर्षा और ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने के कारण अरिंद नदी का जलस्तर शुक्रवार को और बढ़ गया। इसके साथ ही नदी किनारे के हालात और गंभीर हो गए हैं। एक दिन में करीब पांच हजार बीघा कृषि भूमि और जलमग्न हो गई। इससे अब डूबी हुई फसलों का रकबा बढ़कर लगभग 15 हजार बीघा तक पहुंच गया है।

    धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलें पानी में डूबने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। अरिंद नदी के बढ़ते जलस्तर का सबसे अधिक असर जलेसर और निधौली कलां क्षेत्र के गांवों में देखने को मिल रहा है। दो दर्जन से अधिक गांवों की करीब 25 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित हो रही है। खेतों के बीच से निकलने वाले कच्चे रास्ते और संपर्क मार्ग पानी में डूबने से ग्रामीणों की आवाजाही मुश्किल हो गई है

    लोगों को मुख्य सड़कों तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। कई स्थानों पर ग्रामीण बैलगाड़ी के सहारे पानी पार कर जरूरी सामान और दैनिक उपयोग की वस्तुएं ला रहे हैं। किसान सतेंद्र सिंह निवासी सलेमपुर का कहना है कि लगातार बढ़ते पानी ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। धान की रोपाई और मक्का की फसल पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है।

    यदि अगले कुछ दिनों तक जलस्तर कम नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। गांव दस्तमपुर के ग्रामीणों का कहना है कि गांवों के संपर्क मार्ग डूबने से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट सकता है।

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    अरिंद नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो आवश्यक सुरक्षा एवं राहत संबंधी कार्रवाई तत्काल की जाएगी।

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    तुषारकांति राजन, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग