एटा वालों को नहीं मिला समय से पीने को मीठा पानी, प्रोजेक्ट में हुई देरी; गुजरात की कंपनी पर 1.20 करोड़ का जुर्माना
एटा के शांति नगर और अरुणा नगर में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति परियोजना में देरी हुई है। जल निगम ने गुजरात की एलसी इंफ्रा पर समय पर काम पूरा न करने के लिए 1. ...और पढ़ें

एटा में कंपनी ने इस तरह खोदाई करके छोड़ दी है।
जागरण संवाददाता, एटा। शहर के शांति नगर और अरुणा नगर मुहल्लों में चौबीस घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तैयार की जा रही महत्वाकांक्षी पेयजल परियोजना समय पर पूरी नहीं होने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। जल निगम की इस परियोजना में लगातार हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए गुजरात की निर्माण संस्था एलसी इंफ्रा पर एक करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
विभाग का कहना है कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा न करने के कारण यह कार्रवाई की गई है। शहर के इन दोनों मुहल्लों में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस परियोजना का उद्देश्य करीब आठ हजार लोगों को चौबीस घंटे स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। परियोजना पूरी होने के बाद दोनों मुहल्लों में पानी की आपूर्ति व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक बेहतर और नियमित होनी थी।
हालांकि निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं होने से योजना का लाभ अभी तक लोगों को नहीं मिल सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परियोजना शुरू होने की घोषणा के बाद उन्हें जल्द बेहतर जलापूर्ति मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कार्य में लगातार हो रही देरी से उन्हें निराशा हाथ लगी है। कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे लोगों को अभी भी पुरानी व्यवस्था पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है।
विभाग का मानना है कि समय पर परियोजना पूरी होने से जल संकट की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती थी। जल निगम के अधिकारियों ने कार्यदायी संस्था को जल्द से जल्द शेष कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करने की भी हिदायत दी गई है।
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अधिकारियों का कहना है कि परियोजना में अब नियमित निगरानी की जाएगी और यदि आगे भी लापरवाही मिली तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है।
परियोजना पूरी होने के बाद दोनों मुहल्लों में आधुनिक जलापूर्ति व्यवस्था लागू होगी, जिससे लोगों को नियमित और पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। विभाग का दावा है कि शेष कार्य को तेजी से पूरा कर जल्द योजना का लाभ लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पाइप लाइन और एक ओवर हैड टैंक का निर्माण बाकी
कार्यदायी संस्था पर जुर्माना इसलिए लगाया गया है क्योंकि अभी 60 प्रतिशत काम शेष है और कार्य अवधि के अंतिम समय अगस्त 2026 तक पूरा नहीं हो सकता। अभी सात किमी लबंबी पाइप लाइन बिछना शेष है। इसके अलावा एक ओवर हैड टैंक का निर्माण बाकी है। कार्य बेहद धीमी गति से हो रहा है। परियोजना वर्ष 2022 में शुरू हुई थी।
शांति नगर और अरुणा नगर पेयजल परियोजना निर्धारित समय में पूरी नहीं होने पर कार्यदायी संस्था एलसी इंफ्रा पर शासन स्तर से एक करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। संस्था को शेष कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सैय्यद तारिक अली, अधिशासी अभियंता, जल निगम नगरीय क्षेत्र