प्रभारी मंत्री कैलाश राजपूत के सामने बिजली विभाग पर बरसे भाजपाई, वसूली के आरोपों से गरमाई रही एटा में बैठक
एटा में प्रभारी मंत्री कैलाश राजपूत के सामने भाजपा नेताओं ने बिजली विभाग पर वसूली और मनमानी के गंभीर आरोप लगाए। मंत्री ने शिकायतों पर नाराजगी जताते हु ...और पढ़ें

एटा सभागार में बैठक करते प्रभारी मंत्री कैलाश राजपूत।
HighLights
मंत्री कैलाश राजपूत ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
दोषी कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, एटा। जिले के प्रभारी मंत्री के रूप में पहली बार एटा पहुंचे प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश राजपूत के सामने बुधवार को बिजली विभाग के खिलाफ भाजपा नेताओं का गुस्सा खुलकर सामने आया।
बैठक के दौरान विधायकों, जिलाध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर वसूली, मनमानी और जनता के उत्पीड़न के आरोप लगाए। शिकायतों की झड़ी लगने पर प्रभारी मंत्री ने मौके पर मौजूद बिजली विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में एडीएम, सीडीओ, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंताओं सहित भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, अलीगंज विधायक सत्यपाल सिंह राठौर, मारहरा विधायक वीरेंद्र लोधी, शीतलपुर ब्लाक प्रमुख पुष्पेंद्र लोधी, मारहरा ब्लाक प्रमुख रवि वर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में जैसे ही बिजली विभाग के कार्यों की समीक्षा शुरू हुई, जनप्रतिनिधियों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। भाजपा नेताओं का आरोप था कि गलत बिजली बिलों के संशोधन से लेकर विभिन्न मामलों के निस्तारण तक बिना पैसे लिए कोई काम नहीं किया जाता।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर बिजली चोरी न होने के बावजूद उपभोक्ताओं के यहां छापेमारी की जा रही है। इससे आम लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
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बैठक में अलीगंज क्षेत्र का एक मामला भी उठाया गया, जिसमें एक भाजपा कार्यकर्ता के घर रात करीब 10 बजे बिजली विभाग की टीम ने छापा मारा था। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि जांच में कोई अनियमितता नहीं मिली, इसके बावजूद परिवार को देर रात तक परेशान किया गया।
बैठक में यह शिकायत भी सामने आई कि फाल्ट ठीक करने और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए पहुंचने वाले कुछ कर्मचारी उपभोक्ताओं से धन की मांग करते हैं।
जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि विभागीय कर्मचारियों की मनमानी और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अपनी ही पार्टी के नेताओं द्वारा लगातार उठाई गई शिकायतों को सुनकर प्रभारी मंत्री ने नाराजगी जताई।
उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी के विरुद्ध निलंबन जैसी कार्रवाई आवश्यक हो तो उससे भी पीछे न हटें। मंत्री के सख्त तेवरों के बाद बैठक में मौजूद विभागीय अधिकारियों में खलबली रही।