एटा में बारिश से हादसा, नगला पुढ़ियार में गिरा पुराना टिनशेड; तीन महिलाएं दबीं...एक की मौत
एटा में रविवार रात से हुई लगातार बारिश से मौसम सुहावना हो गया और किसानों को धान की रोपाई में मदद मिली। हालांकि, नगला पुढ़ियार में टिनशेड गिरने से एक म ...और पढ़ें

नगला पुढ़ियार में गिरा हुआ टिनशेड, इसके नीचे दबने से महिला की मौत हो गई।
जागरण संवाददाता, एटा। जिले में रविवार रात से शुरू हुई वर्षा का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। करीब 20 घंटे तक कभी तेज तो नगला पुढ़ियार में दीवार पर रखा टिनशेड गिरने से महिला की मौत हो गई जबकि दो के चोटें आईं। इस दौरान कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली।
लगातार वर्षा के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे दिनभर मौसम सुहावना बना रहा। वहीं खेतों में पर्याप्त पानी भरने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। धान की रोपाई में तेजी आ गई है, जबकि जिन खेतों में पहले से रोपाई हो चुकी है, वहां भी वर्षा का पानी फसल के लिए लाभदायक माना जा रहा है।
सोमवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। कोतवाली देहात क्षेत्र के नगला पुढ़ियार में वर्षा के बाद दीवार पर रखा टिनशेड सोमवार को गिर गया। जिसके नीचे दबकर एक महिला की मृत्यु हो गई। जबकि दो महिलाएं घायल हो गईं। जिन्हें उपचार के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया।
काेतवाली देहात क्षेत्र के गांव नगला पुढ़ियार निवासी 55 वर्षीय फूलमाला, रीनादेवी और कुसुमादेवी सोमवार को वर्षा होने के दौरान दीवार पर पड़े टिनशेड के अंदर बैठीं थीं। उसी समय अचानक दीवार और टीन शेड गिर गया। जिसके नीचे तीनों महिलाएं दब गईं। अचानक दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। जहां लोगाें ने मलबा हटाते हुए महिलाओं को बाहर निकाला।
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इस दौरान फूलमाला ने दम तोड़ दिया। जबकि रीना, कुसुमादेवी को स्वजन ने मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। वहीं थाना प्रभारी कोतवाली देहात केके लोधी ने बताया कि जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे। प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की जा रही है।
लगातार हुई वर्षा से जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों के खेत पानी से लबालब हो गए। जिन किसानों को धान की रोपाई के लिए सिंचाई का इंतजार था, उन्हें प्राकृतिक रूप से पानी मिलने से राहत मिली है। किसान रामसेवक गांव उमरायपुर का कहना है कि समय पर हुई यह वर्षा धान की फसल के लिए काफी उपयोगी साबित होगी और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी बचेगा।
इसके अलावा मक्का, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों को भी इस वर्षा से लाभ मिलने की उम्मीद है। इधर वर्षा के कारण वातावरण में नमी बढ़ने के साथ तापमान में कमी आई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और वर्षा का दौर चलता रहा। कई स्थानों पर हल्की फुहारें भी पड़ती रहीं, जिससे मौसम पूरे दिन सुहावना बना रहा।
जिले में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। इसी कारण रविवार रात से लगातार वर्षा का क्रम बना रहा। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में भी बादल छाए रहने के साथ वर्षा होने की संभावना है। सोमवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम में काफी बदलाव हो गया है और गर्मी से राहत मिली है। किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।
रवींद्र सिंह, मौसम वैज्ञानिक