खाना खाते समय किसान को आया हार्ट अटैक, एटा में दो अन्य व्यक्तियों की भी हृदयाघात से चली गई जान
सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने और समय पर चिकित्सा सलाह लेने की अपील की है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, एटा। जनपद में अचानक स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं में इजाफा देखने को मिल रहा है। ताजा मामला उस समय सामने आया जब एक किसान को खाना खाते समय अचानक हार्ट अटैक आ गया।
स्वजन उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जबकि दो अन्य की भी हृदयाघात से जान चली गई है।
मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
थाना मलावन क्षेत्र के गांव डुंडवारा निवासी उदयवीर सिंह 50 वर्ष की रविवार की रात आठ बजे हार्ट अटैक आने से मौत हुई है। भाई सोमवीर सिंह ने बताया कि खाना खाते समय ही हृदयाघात आया था। इसके बाद गिर गए और उन्हें इमरजेंसी लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हृदय रोग की समस्या बनी मौतों का कारण
वहीं रात 10 बजे जवाहर सिंह 50 वर्ष निवासी दुहाई बागवाला की भी हृदयाघात से मौत हुई है। गांव चमकरी निवासी धर्मेंद्र सिंह 45 वर्षीय की भी सोमवार की सुबह 11 बजे हार्ट अटैक से जान चली गई। स्वजन ने बताया कि बैठे-बैठे बातें कर रहे थे तभी हृदयाघात आया और गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे, जहां मृत बता दिया।
इन लक्षणाें को नजरअंदाज ना करें
सीएमएस डा. सुरेश चंद्रा का कहना है कि सीने में दर्द, घबराहट, सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर इलाज मिलने से जान बचाई जा सकती है। कहना है कि खानपान और जीवनशैली में सुधार के साथ नियमित जांच भी जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।