एटा में 33 साल पुराने हत्याकांड में चार को उम्रकैद, न्याय की लंबी लड़ाई का अंत
एटा जिला अदालत ने 33 साल पुराने हत्या के मामले में चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाय ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
एटा अदालत ने 33 साल पुराने हत्या मामले में फैसला सुनाया
चार दोषियों को आजीवन कारावास और 25 हजार जुर्माना
जुर्माना न देने पर दो साल का अतिरिक्त कारावास
जागरण संवाददाता, एटा। 33 वर्ष पुराने हत्या के मामले में जिला अदालत ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उन्हें दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार थाना जैथरा क्षेत्र के गांव बनियाढारा निवासी अशोक 21 मई 1993 को गांव के ही जयपाल के साथ साइकिल से एटा अदालत में तारीख पर पेश होने जा रहे थे। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे आरोपितों ने दोनों को रोक लिया। आरोपितों ने जयपाल को गोली मारकर घायल कर दिया। इसके बाद अशोक को जबरन उठाकर पास के एक बाग में ले गए, जहां उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
कोर्ट जाते समय युवक की गोली मारकर हत्या की थी
जैथरा थाना पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश मनीषा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी नीलिमा चौहान ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर प्रभावी पैरवी की।
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25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने मिंटू, ब्रजपाल उर्फ विजयपाल, दर्विजय सिंह तथा पप्पू उर्फ कुसुम कुमार को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करते हैं तो उन्हें दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पीड़ित परिवार ने अदालत के निर्णय पर संतोष जताया।