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    एटा वालों के लिए राहत भरी खबर, गंदे पानी से मिलेगी निजात; जलेसर में 17.20 करोड़ रुपये से बनेगा एसटीपी

    By Anil Kumar Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Thu, 06 Aug 2026 01:56 PM (GMT+05:30)

    जलेसर नगर में 17.20 करोड़ रुपये की लागत से 3.5 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाया जाएगा। यह परियोजना नगर के गंदे पानी के शोधन और प ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    जागरण संवाददाता, एटा। जलेसर नगर में वर्षों से गंदे पानी के निस्तारण की समस्या अब दूर होने की उम्मीद जगी है। नगर के गंदे पानी के शोधन के लिए 17.20 करोड़ रुपये की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद नालों का गंदा पानी बिना शोधन के बाहर नहीं जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ नगरवासियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

    प्रस्तावित एसटीपी की क्षमता साढ़े तीन एमएलडी होगी। इसके लिए महावीरगंज, सागरताल और चिलर प्लांट क्षेत्र से होकर गुजरने वाले प्रमुख नालों को संयंत्र से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में इन नालों का गंदा पानी सीधे बाहर बहता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण, दुर्गंध और जलभराव जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। नगर में गंदे पानी के वैज्ञानिक निस्तारण की अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं थी

    जल निगम के अधिकारियों के अनुसार परियोजना के निर्माण से नगर की सीवेज व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा। गंदे पानी का शोधन कर उसे निर्धारित मानकों के अनुरूप छोड़ा जाएगा, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा। साथ ही भविष्य में नगर के विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए भी यह परियोजना उपयोगी साबित होगी।

    स्थानीय निवासी वीरेंद्र सिंह का कहना है कि लंबे समय से गंदे पानी की समस्या के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती थी। ऐसे में एसटीपी निर्माण की योजना से लोगों में राहत की उम्मीद जगी है।

    जल निगम शहरी क्षेत्र अधिशासी अभियंता सैय्यद तारिक अली ने बताया कि जलेसर में 17.20 करोड़ रुपये की लागत से साढ़े तीन एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जाएगा। नगर के प्रमुख नालों को इससे जोड़ा जाएगा, जिससे नगर के गंदे पानी का विज्ञानिक तरीके से शोधन और निस्तारण हो सकेगा।

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