बच्चियों के अश्लील वीडियो, एटा में व्यापारी के मोबाइल से मिले 1000 से ज्यादा क्लिप्स; USA से ट्रेस होने पर कार्रवाई
एटा में सनसनीखेज मामला सामने आया है। जलेसर से घुंघरू घंटी कारोबारी को यूएसए से मिले इनपुट के बाद गिरफ्तार किया गया है। इसके मोबाइल फोन से 1000 से ज्या ...और पढ़ें

एटा पुलिस की गिरफ्त में आरोपी व्यापारी।
HighLights
महिलाओं और लड़कियों के फोटो खींचकर खुद बनाता था वीडियो
गूगल के निगरानी तंत्र ने खोल दी पोल, पुलिस ने आरोपित किया गिरफ्तार
जागरण संवाददाता, एटा। जलेसर के घुंघरू घंटी व्यापारी ने एक चार साल की बच्ची के साथ गलत हरकत कर दी। उसके साथ छेड़छाड़ की और अश्लील वीडियो बना लिया। उसने यह वीडियो अपने मोबाइल में सेव कर लिया। गूगल के निगरानी तंत्र की सक्रियता से व्यापारी की पोल खुल गई। गूगल की ओर से गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली इंडियन साइबर क्राइम कोर्डिनेशन एजेंसी को सूचित किया गया।
इस एजेंसी ने पुलिस हेड क्वार्टर को जानकारी दी। इसके बाद आरोपित को एटा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके मोबाइल में एक हजार से अधिक पोर्न वीडियो मिले हैं, जिसमें से अधिकांश वीडियो उसने खुद एडिट किए। इसके लिए वह चुपके से महिलाओं और लड़कियों के फोटो खींचता था।
आरोपित के विरुद्ध सीएसईएएम (चाइल्ड सेक्सुअल एक्पोलेशन एंड एब्यूज मटेरियल) और पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जलेसर कस्बा के मुख्य बाजार निवासी 42 वर्षीय मुदित गुप्ता पुत्र इंद्रेश गुप्ता घुंघरू घंटी का व्यापारी है। फैक्ट्री का संचालन भी करता है, मगर अविवाहित है। एक माह पूर्व उसने चार साल की मासूम बच्ची का पोर्न वीडियो बनाया और उसके साथ छेड़छाड़ भी की।
यह वीडियो उसने अपने मोबाइल में गूगल ड्राइव में सेव कर लिया था। ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट की निगरानी इंटरनेशनल एजेंसी एनसीएमईसी, जिसका हेड क्वार्टर यूएसए में है, निगरानी करती है। हाल ही में इस एजेंसी द्वारा दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय के अधीन साइबर क्राइम कंट्रोल करने वाली एजेंसी इंडियन साइबर क्राइम कोर्डिनेशन को जानकारी दी गई।
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इस एजेंसी ने साइबर क्राइम कंट्रोल लखनऊ को सूचना दी। इसके बाद जानकारी एटा पुलिस को हुई। पुलिस ने मंगलवार सुबह आरोपित को उसके घर से उठा लिया। उसके दो मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए। साइबर टीम ने जब फोन खंगाले तो उनमें बच्ची के साथ की गई गलत हरकत वाला वीडियो भी मिल गया। इसके अलावा गूगल ड्राइव में एक हजार से अधिक ऐसे पोर्न वीडियो मिले जो बेहद आपत्तिजनक हैं।
इनमें से अधिकांश ऐसे हैं जिन्हें एडिट किया गया है। पूछताछ में आरोपित ने पुलिस के समक्ष कबूला कि वह अपनी परिचित लड़कियों, महिलाओं व अन्य के फोटो खींचता था और उन्हें एडिट करके चेहरा वीडियो में आपत्तिजनक अवस्था में दिखाई देने वाली महिला के चेहरे पर लगाता था।
यह सारे वीडियो उसने अपने मोबाइल में ही सेव कर रखे थे। एसएसपी डा. इलामारन ने मामले के पर्दाफाश के लिए सीनियर पुलिस अफसरों की टीम लगाई। एएसपी श्वेताभ पांडेय, एसपी क्राइम योगेंद्र सिंह के निर्देशन में साइबर टीमों ने काम किया।
नौ बार साइबर टिपलाइन मिली
निगरानी एजेंसी सीएसईएएम ने गृह मंत्रालय के एनसीआरपी पोर्टल पर नौ बार टिप लाइन भेजी। जांच के दौरान आरोपित का लोकेशन कस्बा जलेसर में मिला। इस नौ बार टिप लाइन में कुल 21 फोटो और वीडियो एजेंसी ने भेजे।
इन वीडियो और फोटो में आरोपित भी दिखाई दे रहा है। आरोपित वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का उपयोग करते हुए इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स से वीडियो और न्यूज फोटो डाउनलोड करता था और उन्हें एडिट करता था।
11 आईडी का करता था इस्तेमाल
आरोपित ने अलग-अलग 11 ईमेल आईडी बनाई थीं, जिनका इस्तेमाल वह करता था। यह सभी आईडी साइबर सेल की टीम ने ट्रेस कर लीं। पुलिस उसके मोबाइल की अभी भी जांच कर रही है।
जलेसर का घुंघरू घंटी व्यापारी पोर्न वीडियो बनाता था। एक बच्ची से भी उसने गलत हरकत की गूगल के निगरानी तंत्र द्वारा दी गई सूचना के आधार पर आरोपित को ट्रेस किया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके मोबाइल में एक हजार से आधिक पोर्न वीडियो मिले हैं।
- योगेंद्र सिंह, एसपी क्राइम