इटावा: मोहम्मद गौरी के सेनापति की मजार विवाद में वन अधिकारियों पर वाद दायर
इटावा में मोहम्मद गौरी के सेनापति शमशुद्दीन की मजार के मामले में वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ वाद दायर किया गया है। मजार तक जाने का रास्ता अवरुद्ध ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, इटावा। मोहम्मद गौरी के सेनापति शमशुद्दीन की मजार के मामले में सीजेएम कोर्ट में वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ वाद दायर किया गया है।
अधिवक्ता कफील कुरैशी की तरफ से वादी इमरान बेग, दिलशाद व मोहम्मद गुफरान ने 28 मार्च को डीएफओ विकास नायक व रेंजर अशोक शर्मा के खिलाफ वाद दायर करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी मजार तक आने-जाने वाले रास्ते को अवरुद्ध किया गया है।
वन न्यायालय ने घोषित किया था अवैध
रास्ते में गड्ढे खोदवाने से धार्मिक स्थल पर जाने से बाधा उत्पन्न हो गई है। यह विधि सम्मत नहीं है। मामले की पहली सुनवाई शुक्रवार को कोर्ट में हुई।
1800 वर्गफीट जमीन पर कब्जा बेदखली के दिए थे आदेश
अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश पारित करने के लिए प्रार्थना की है। अब इस मामले में सुनवाई के लिए 11 मई की तिथि तय की गई है। इस मामले में न्यायालय प्राधिकृत अधिकारी वन ने 17 अप्रैल को मजार को आरक्षित वन भूमि मानते हुए अवैध घोषित कर दिया था व इटावा सफारी पार्क के पास स्थित 1800 वर्गफीट जमीन पर कब्जा बेदखली के आदेश दिए थे।
64 दिन तक चली सुनवाई के बाद यह आदेश
64 दिन तक चली सुनवाई के बाद यह आदेश डीएफओ विकास नायक के न्यायालय से दिया गया था। मजार के सदर फजले इलाही व उनके सहयोगी मुस्तकीम राइनी जमीन के स्वामित्व संबंधित कोई भी दस्तावेज वन न्यायालय को नहीं दे सके थे।