Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यूपी में डेयरी प्लांटों पर बड़ी छापेमारी, पुराने दूध उत्पादों की री-पैकेजिंग का खुलासा

    Updated: Sun, 03 May 2026 08:07 AM (GMT+05:30)

    खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में मधुसूदन दुग्ध प्लांट समेत कई डेयरी इकाइयों में दूध खरीद के रिकॉर्ड और पुराने उत्पादों को नई तारीख के साथ पैक करने ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण टीम, मेरठ। मिलावटखोरी पर शिकंजा कसने को लेकर स्थानीय स्तर पर अधिकारी अभियान चलाकर मात्र खानापूरी तक सीमित रह जाते हैं। इन नमूनों को जांच के लिए भेजकर खाद्य विभाग के अधिकारी इतिश्री कर लेते हैं। खाद्य पदार्थों के यह नमूने कई महीनों तक लैब में ही पड़े रहते हैं।

    अब खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के आदेश पर प्रवर्तन टीमों की छापेमारी के दौरान बड़े स्तर पर खामियां मिली तो स्थानीय अधिकारियों की निष्क्रियता की पोल खुलनी शुरू हो गई है। सहारनपुर मुख्यालय समेत कानपुर व बरेली की खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन की टीमों के द्वारा नानौता में स्थित मधुसूदन दुग्ध प्लांट और डेरी व दूध प्रतिष्ठानों पर हुई

    छापेमारी के बाद सामने आया है कि कंपनियों के पास दूध की खरीद का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसके साथ ही पुराने उत्पादों को नई तारीख के साथ दोबारा से पैक किया जा रहा था। खामियां मिलने पर लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रियां भी शुरू हो गई है।

    दूध खरीद का रिकॉर्ड नहीं, पैक करके बेचे जा रहे थे पुराने दुग्ध उत्पाद 

    खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को फैक्ट्री में खराब गुणवत्ता के दुग्ध उत्पाद तैयार किए जाने की शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद जांच की गई। जांच में दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों की पुष्टि होने पर लाइसेंस निलंबित करने के लिए केंद्र को संस्तुति भेजी गई है। यदि लाइसेंस निलंबित होता है तो यहां काम करने वाले 400 से ज्यादा कामगारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अगर इकाई बंद हुई तो प्रतिदिन लाखों लीटर दूध की खरीद व बिक्री प्रभावित होगी।

    खबरें और भी

    सहारनपुर में चार दिन पहले कई टीमों ने की थी मधुसूदन प्लांट समेत कई जगह छापेमारी

    प्लांट से जनपद के साथ ही दिल्ली व आसपास के अन्य जनपदों में भी दुध व दुग्ध उत्पादों की सप्लाई होती है। साथ ही छापेमारी में पकड़े गए मिल्क पाउडर को जमीन में दबाकर उसको नष्ट किया जाएगा। वहीं, बुलंदशहर में भी 35 इकाइयों से 112 नमूने लिए गए। साथ ही 503 मीट्रिक टन दूध और उत्पादों को जब्त कर दिया। जब्त दूध और उत्पादों की कीमत 5.75 करोड़ है।

    बुलंदशहर में 35 इकाइयों से 112 नमूने लिए 

    खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त विनीत कुमार ने बताया कि जिले में दूध व दूध के प्रोडक्ट बनाने की मधुसूधन, परम, रामा, मोहन, पारस, आनंदा समेत दस बड़ी इकाइयां व मध्यम स्तर की 40 इकाइयां हैं। इसके अलावा छोटे स्तर पर एक हजार से अधिक प्लांट स्तर की इकाइयां हैं। लखनऊ से गठित टीमों ने सभी बड़ी फैक्ट्री के अलावा मध्यम व प्लांट से नमूने लिए हैं। इन नमूनों की जांच प्रयोगशाला में कराई जाएगी।

     503 मीट्रिक टन दूध व उत्पाद किए जब्त

    प्रयोगशाला में नमूना फेल होने पर संबंधित फैक्ट्री के खिलाफ वाद दायर किया जाएगा। साथ ही जब्त सामान को नष्ट करा दिया जाएगा। यदि नमूना सही निकलता है, तो जब्त सामान को छोड़ दिया जाएगा। अभी तक जिले में एक दिन में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। जिले स्तर पर समय-समय पर फैक्ट्रियों में दूध व दूध उत्पादों की जांच की जाती है।

    छह राज्य स्तरीय और तीन केंद्र स्तरीय इकाइयों के लाइसेंस की निलंबन की संस्तुति की

    टीमों को निरीक्षण के दौरान इकाइयों की हाइजीन की स्थिति गुणवत्तायुक्त नहीं मिलने, दूध क्रय के रिकॉर्ड न होने, पुराने खाद्य पदार्थों को करंट तिथि री-पैक करने और आवश्यक दस्तावेज नहीं दिखाने पर छह राज्य स्तरीय और तीन केंद्र स्तरीय इकाइयों के लाइसेंस की निलंबन की संस्तुति की है। इनमें बुलंदशहर जनपद की इकाइयों की सूची मुख्यालय से जनपद को प्राप्त होगी। इसके बाद ही लाइसेंस निलंबन वाली इकाइयों की जानकारी होगी।

    यह भी पढ़ें- मां रोते बच्चे को चुपाने में लगतीं, गिरोह कर लेता था सामान चोरी; शाहजहांपुर में ई-रिक्शा टप्पेबाजी गैंग का भंडाफोड़

    यह भी पढ़ें- आगरा: मकान में लगी आग के बीच फंसा परिवार, पांच लोग सुरक्षित बचाए गए