इटावा में ऑटो चालक हत्याकांड: तीन दोषियों को उम्रकैद और भारी जुर्माना
इटावा कोर्ट ने तीन साल पुराने चालक की हत्या और ऑटो लूट के मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ...और पढ़ें

HighLights
चालक की हत्या और ऑटो लूट मामले में फैसला।
इटावा कोर्ट ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास सुनाया।
दोषियों पर 23 हजार और 26 हजार रुपये का जुर्माना।
जागरण संवाददाता, इटावा। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम अशोक कुमार दुबे ने करीब तीन साल पुराने चालक की हत्या कर शव को झाड़ियों में फेंक देने, आटो एवं मोबाइल व नकदी लूट ले जाने के मामले की सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपितों को दोषी पाया।
दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने दो पर 23 हजार रुपया व एक पर 26 हजार रुपया का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने बताया कि बढ़पुरा थाना क्षेत्र के गांव रमी का बर निवासी राम कुमार पुत्र भारत सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि उसका पुत्र अनमोल सिंह 14 अगस्त 2023 को अपना आटो लेकर घर से निकला था। शाम तक वह वापस नहीं लौटा तो चिंता हुई उसकी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा।
इस संबंध में उसने 15 अगस्त को गुमशुदगी दर्ज कराई। 16 अगस्त को अनमोल का शव श्मशान घाट व चंबल पुल के बीच झाड़ियों में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम कराया। उसका आटो व मोबाइल गायब था।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या, शव को गायब करने व लूट की धाराओं में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया। छानबीन के बाद इस संबंध में मोनू उर्फ मोहन लाल पुत्र रमेश व श्रीकिशन पुत्र राम सेवक निवासी नगला धनऊ जसवंतनगर व सुनील पुत्र राजेंद्र निवासी चौबीसा जसवंतनगर के नाम प्रकाश में आए।
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया। उनके पास से लूटा गया आटो व मोबाइल बरामद हुआ। पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया। छानबीन के बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या, लूट, शव को गायब करने की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने पैरवी की। उनके द्वारा पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने मोनू उर्फ मोहन लाल, श्रीकिशन व सुनील को दोषी पाया।
दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने मोनू व श्रीकिशन पर 23 हजार रुपया व सुनील पर तमंचा बरामद होने पर 26 हजार रुपया का जुर्माना भी लगाया।