Etawah Sadar MLA Report Card: यमुना पर पुल तो मिला, शहर को जलभराव और जाम से नहीं मिली निजात
इटावा सदर विधायक सरिता भदौरिया के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड। जिसमें यमुना पर पुल निर्माण जैसे कई विकास कार्य हुए हैं। हालांकि, शहर में जलभराव और जाम ज ...और पढ़ें
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आइटीआइ चौराहा की सर्विस रोड पर अड्डा भगवान मुहल्ला के सामने सड़क पर भरा पानी। जागरण
HighLights
यमुना नदी पर 135 करोड़ का पुल स्वीकृत, कार्य जारी।
बसरेहर बाईपास का निर्माण हुआ, 100 करोड़ की लागत।
शहर में जलभराव और जाम की समस्या बरकरार है।
जागरण संवाददाता, इटावा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और वर्ष 2022 में चुने गए विधायकों का कार्यकाल अंतिम पड़ाव में पहुंच चुका है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि चुनाव के समय जिन समस्याओं को लेकर जनता ने अपने जनप्रतिनिधियों पर भरोसा जताया था, उनमें कितना बदलाव आया।
सदर विधानसभा क्षेत्र की पांच प्रमुख समस्याओं सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, जलभराव या अतिक्रमण जैसे मुद्दों के समाधान के लिए पिछले चार वर्षों में क्या प्रयास हुए, कितनी योजनाएं धरातल पर उतरीं और कितने काम अब भी अधूरे हैं। जिन समस्याओं के समाधान का दावा किया गया था, वे वास्तव में खत्म हुईं या आज भी लोगों की परेशानी बनी हुई हैं।
क्षेत्र में पांच बड़ी समस्याएं शहर का जलभराव, पुराने शहर में जाम की समस्या, मैनपुरी अंडरपास में जलभराव, कचौरा रोड पर पिलुआ महावीर मंदिर पर यमुना नदी का पुल व बसरेहर में बाईपास का निर्माण व कस्बा की सड़क का प्रमुख है। इनमें कुछ समस्याओं का समाधान हो गया लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद भी कई समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।
आधे से ज्यादा शहर में जलभराव की समस्या
नगर पालिका क्षेत्र में जलभराव की समस्या बड़ी है, इससे आधा से ज्यादा शहर परेशान है। लाइनपार क्षेत्र के 24 मुहल्लों में बारिश के मौसम में घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। पालिका को यहां भरने वाला पानी पंपसेट लगाकर निकालना पड़ता है। कई मुहल्लों में वर्ष भर पानी भरा रहता है।
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अंडरपास तक बंद हो जाता है
इटावा-मैनपुरी मार्ग स्टेट हाईवे है, यहां पर बारिश के दिनों में पानी भर जाता है। इस कारण यातायात ठहर जाता है और अंडरपास को बंद कर दिया जाता है। कई बार इसमें बसें व कार फंस चुकी हैं। ऐसे में लोगों की जान पर बन आयी। पानी निकालने के लिए यहां पंप तो लगे हैं लेकिन वे नाकाफी हैं। पुराने शहर के नौरंगाबाद, साबितगंज, राजागंज, पक्की सराय, पुरबिया टोला, नगर पालिका चौराहा में दिन भर जाम की समस्या बनी रहती है। प्रशासन व पुलिस एक दशक से इससे लोगों को निजात नहीं दिला सका है। कई बार यहां लगने वाले जाम में बच्चे और बुजुर्ग फंसकर परेशान होते हैं।
सौ करोड़ की लागत से बाईपास बनाया
कचौरा रोड पर पिलुआ महावीर मंदिर के पास यमुना नदी पर पुल की मांग पांच वर्षों से की जा रही थी। इससे 80 गांव के लोगों को लाभ मिलेगा। सरकार ने यह पुल स्वीकृत कर दिया है। बसरेहर कस्बे में आए दिन जाम लगता था और कस्बे की तीन किमी सड़क उखड़कर जर्जर हालत में पहुंच गई। ऐसे में लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। सरकार ने 100 करोड़ की लागत से इटावा-सरसईनावर मार्ग का निर्माण कर बसरेहर बाईपास बना दिया।
बिंदुवार जानें क्या कहती हैं सदर विधायक सरिता भदौरिया
- शहर के जलभराव के लिए शासन को 90 करोड़ की योजना बनाकर भेजी गई थी लेकिन बजट नहीं मिला।
- शासन ने वर्ष 2047 के विकसित प्रदेश का विजन प्लान तैयार किया है। जिसके तहत पहले चरण में नगर निगम के अंतर्गत कार्य कराए जा रहे हैं। अगले चरण में नगर पालिका क्षेत्र में कार्य होंगे, इससे सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी।
- अंडरपास के जलभराव की समस्या के लिए डीएम से कहकर पाइप डलवाए गए हैं। रेलवे के डीआरएम को पत्र लिखा है। यहां पर टिन शेड का निर्माण करा दिया जाए।
- पुराने शहर में छोटी सड़कें होने के कारण जाम की समस्या है।
- शहर के मुख्य बाजार को संडे बाजार के रूप में नुमाइश ग्राउंड पर स्थानांतरित कराया गया है इससे कुछ राहत मिली है।
- यमुना नदी पर कचौरा रोड पर 135 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण स्वीकृत हो गया है। 88 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए गए हैं। इससे 80 गांव के लोगों को लाभ मिलेगा। दो साल के अंदर पुल बनकर तैयार हो जाएगा। इन गांवों के लोगों को आगरा जाने के लिए 30 किमी की दूरी बचेगी।
- इटावा-बरेली मार्ग पर बसरेहर कस्बे को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए बाईपास का निर्माण करा दिया गया है।
- अंदर की जर्जर सड़क के लिए लोक निर्माण विभाग को साढ़े आठ करोड़ रुपये स्वीकृत करा दिए गए हैं।
विपक्षी प्रत्याशी बोले
वर्ष 2022 के चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे सपा प्रत्याशी सर्वेश शाक्य ने कहा कि पांच साल में इटावा सदर विधानसभा क्षेत्र में कोई कार्य नहीं कराया गया। लाइनपार क्षेत्र में जलभराव की समस्या पांच वर्ष में बढ़ गई है। सरकार की कोई योजना नहीं है, जिससे जनता को राहत मिलती। शहर में जाम की समस्या बनी हुई है। सरकारी कार्यालयों में आम आदमी का कार्य नहीं हो रहे हैं।
लोग बोले
सदर विधायक सरिता भदौरिया ने पिछले पांच वर्षों में क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी है। सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में अनेक कार्य हुए हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
डा. राजेश किशोर त्रिपाठी, सेवानिवृत प्राचार्यविधायक ने जनता के बीच लगातार रहकर उनकी समस्याओं का समाधान कराया। विकास कार्यों के साथ-साथ गरीब, किसान, महिला और युवाओं के हित में कई योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराया गया। यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
रामशरण गुप्ता, व्यवसायीविधायक ने शहर की समस्याओं को लेकर अपनी आवाज उठाई है। शहर में जलभराव और जाम की समस्या का निदान हो जाए तो जनता को राहत मिलेगी।
रवि तिवारी, व्यवसायीशहर में उत्सव भवन का निर्माण गरीब वर्ग के लिए एक अच्छा प्रयास है। नगर पालिका को नगर निगम बनाने की पहल भी होनी चाहिए जिससे शहर की समस्याएं त्वरित गति से निस्तारित हों।
विनय भदौरिया, व्यवसायी