Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    इटावा में 40 लाख के गिफ्ट का झांसा देकर महिला को रखा डिजिटल अरेस्ट, तीन लाख ठगे

    Updated: Sun, 31 May 2026 11:07 PM (IST)

    इटावा में एक महिला को 40 लाख के विदेशी गिफ्ट का लालच देकर साइबर ठगों ने कस्टम अधिकारी बनकर 10 दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' रखा। ठगों ने गिरफ्तारी का डर दिखा ...और पढ़ें

    40 लाख के गिफ्ट का झांसा देकर महिला को रखा डिजिटल अरेस्ट। AI जेनेरेटेड फोटो

    40 लाख के गिफ्ट का झांसा देकर महिला को रखा डिजिटल अरेस्ट। AI जेनेरेटेड फोटो

    HighLights

    1. महिला को 40 लाख के विदेशी गिफ्ट का लालच दिया।

    2. कस्टम अधिकारी बनकर 10 दिन 'डिजिटल अरेस्ट' रखा।

    3. इलाज के लिए रखे तीन लाख रुपये ठग लिए।

    जागरण संवाददाता, इटावा। साइबर ठगों ने इंटर कालेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मी की पत्नी को 40 लाख रुपये के विदेशी गिफ्ट का लालच दिया और फिर खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताकर 10 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा। विदेशी ताकतों से संबंध और गिरफ्तारी का भय दिखाकर ठगों ने उससे तीन लाख रुपये ठग लिए। कुसुम के अनुसार नौ मई को उनके पास वाट्सएप काल आई।

    फोन करने वाले ने अपना नाम रवि शर्मा बताते हुए अमेरिका में नौकरी करने की बात कही। बातचीत के दौरान उसने विश्वास में लेकर बताया कि वह उनके लिए ज्वैलरी, कपड़े और नकदी समेत करीब 40 लाख रुपये का गिफ्ट भेज रहा है।

    इसी बीच 12 मई को कुसुम के पति सड़क हादसे में घायल हो गए। कुसुम के पास 20 मई को एक अन्य नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि विदेश से भेजा गया पार्सल पकड़ा गया है। इसमें संदिग्ध सामग्री मिली है और उनका नाम विदेशी लोगों से जुड़े मामले में सामने आया है। यदि अधिकारियों के निर्देश नहीं माने तो उसे जेल भेज दिया जाएगा।

    चेतावनी दी कि किसी को जानकारी देने पर सीबीआइ उसके घर पहुंच जाएगी। वह लगातार काल पर रहने की बात कहते और मानसिक दबाव में रखते।

    डर के कारण कुसुम ने 21 से 28 मई के बीच जनसेवा केंद्र के माध्यम से तीन लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम भेजने के बाद भी ठग उनसे और रुपये मांगते रहे और गिरफ्तारी की धमकी देते रहे। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ।

    खबरें और भी

    उन्होंने बताया कि जो रुपये उन्होंने ठगों को दे दिए, वह पति के इलाज के लिए जुटाए थे। थाना प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि आइटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से आरोपितों की तलाश की जा रही है।