इटावा में फंदे पर लटका मिला बुजुर्ग महिला का शव, तीन बहुओं पर हत्या का आरोप
इटावा के महलई गांव में लगभग 70 वर्षीय वृद्धा लज्जावती का शव उनके घर की छत पर फंदे से लटका मिला। ...और पढ़ें

लज्जावती, फाइल फोटो
HighLights
महलई गांव में 70 वर्षीय वृद्धा का शव फंदे पर मिला।
बेटी ने जमीन विवाद में तीन भाभियों पर हत्या का आरोप लगाया।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा, मामले की जांच जारी।
संवाद सहयोगी, इटावा। ग्राम महलई में लगभग 70 वर्षीय लज्जावती पत्नी स्वर्गीय भगवानदास का शव शुक्रवार को उनके घर की छत पर बने कमरे में साड़ी के फंदे से लटका मिला। इस घटना से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया गया है कि लज्जावती अपने बड़े पुत्र अजय कुमार के साथ उसी मकान में रहती थीं। उनके अन्य दो पुत्र विजय कुमार और राजकुमार के मकान सामने अलग बने हुए हैं। शुक्रवार को उनका शव मकान की छत पर लगे लोहे के पाइप से साड़ी के फंदे पर लटका पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
मृतका की बेटी अनीता देवी ने अपनी तीनों भाभियों सुनीता देवी, तारा देवी और सुधा देवी पर हत्या का आरोप लगाया है। अनीता देवी का कहना है कि परिवार में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी मां के साथ मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी, और इसी विवाद के चलते उनकी मां की हत्या कर शव को फंदे पर लटका दिया गया।
पति की 11 साल पहले हो चुकी है मौत
वहीं, मृतका के बड़े पुत्र अजय कुमार ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि घटना के समय घर में केवल उनकी पत्नी मौजूद थीं, जबकि अन्य दोनों भाइयों की पत्नियां अपने-अपने अलग मकानों में थीं। अजय कुमार ने बहन द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया।
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यह यह भी बताया गया है कि मृतका के पति रोडवेज में ड्राइवरी करते थे और उनका निधन करीब 11 साल पहले हो चुका है। जबकि जमीनी हिस्सा तीनों बेटों को दे दिया गया है मृतिका के हिस्से की उसके नाम जो जमीन थी उसको लेकर विवाद चलता रहता था।
थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी ने जानकारी दी कि प्रथम दृष्टया यह मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का सही पता चल सकेगा, उन्होंने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और साक्ष्यों तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।