यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी के शेरों को ‘दुल्हन’ की तलाश, बच्चे पैदा करने के लिए खानदानी शेरनियों से नहीं होगी मेटिंग… जानिए वजह!
इटावा सफारी पार्क में शेर सिंबा और सुल्तान के लिए गुजरात से शेरनियों को लाने की कार्रवाई की जा रही है। इससे शेरों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी और बी ...और पढ़ें

HighLights
- सिंबा और सुल्तान के लिए गुजरात की शेरनी की तलाश
- गुजरात के शक्करबाग चिड़ियाघर से साधा गया संपर्क
गौरव डुडेजा, इटावा। इटावा सफारी पार्क में पैदा हुए शेर सिंबा और सुल्तान के लिए गुजरात की शेरनी की तलाश की जा रही है। सफारी प्रशासन ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली को पत्र लिखा है और गुजरात के जूनागढ़ शक्करबाग चिड़ियाघर से संपर्क किया गया है, ताकि शेरों का कुनबा बढ़ाया जा सके। सिंबा व सुल्तान पांच अक्टूबर को आठ साल के हो गए।
सफारी प्रशासन का मानना है कि जंगल में जन्मी शेरनियों के प्रजनन से उत्पन्न शावकों का जीन अलग होगा, इससे बीमारियों का खतरा कम हो जाएगा। इन शावकों में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होगी। अनुवांशिक बीमारियों का खतरा भी कम होगा। सिंबा व सुल्तान इटावा सफारी पार्क के पहली पीढ़ी के शेर हैं।
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बहनों के साथ जोड़ा नहीं बनाएगा प्रशासन
इटावा सफारी पार्क में जो युवा शेरनियां रूपा, सोना, नीरजा, गार्गी हैं वह सिंबा सुल्तान की रिश्ते में बहन लगती हैं। यह सभी शेरनी जेसिका की संतानें हैं। ऐसे में सफारी प्रशासन मेटिंग के लिए इनके साथ जोड़ा नहीं बनाना चाहता है।
गुजरात के जंगलों में पैदा हुई शेरनियों के साथ इटावा सफारी पार्क में पैदा शेर के प्रजनन से जो शावक आएंगे उनकी फैमिली अलग हो जाएगी। उनकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी और बीमारियां कम होंगी।
सफारी पार्क के डॉक्टर रोबिन यादव ने बताया कि एक ही परिवार के भाई-बहनों के बीच मेटिंग या मिलन नहीं कराया जाता। इससे प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। अलग परिवार की शेरनी होगी तो प्रतिरोधक क्षमता शेरों की अच्छी रहेगी और वे स्वस्थ रहेंगे।
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इटावा सफारी पार्क की पहली पीढ़ी के शेर सिंबा व सुल्तान के लिए गुजरात के जंगल में पैदा हुई शेरनियों को लाने के लिए मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव गुजरात व निदेशक शक्करबाग चिड़ियाघर से बातचीत की गई है वे शेरनियों को देने के लिए तैयार हैं। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली को अनुमति देने के लिए पत्र लिखा गया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद शेरनियों को इटावा सफारी पार्क लाया जाएगा और फिर सिंबा सुल्तान का जोड़ा बनाकर एक साथ रखा जाएगा।
-डाॅ. अनिल पटेल, निदेशक, इटावा सफारी पार्क
सिंबा सुल्तान पहली पीढ़ी के शेर हैं
इटावा सफारी पार्क में सिंबा सुल्तान पहली पीढ़ी के शेर हैं। इनमें नौ शेर शेरनी जेसिका से जन्मे थे, जिसमें दो नहीं बच पाए, सात शेर सिंबा, सुल्तान, रूपा, सोना, नीरजा, गार्गी व विश्वा हैं।
सिंबा सुल्तान की बहनों को गुजरात से लाया गया शेर कान्हा मिल चुका है, इसकी मेटिंग कराई जा चुकी है। इसके तीन शावक हो चुके हैं, जिनमें एक नर व दो मादा हैं। सफारी पार्क में इस समय 15 शेर-शेरनियां रह रहे हैं। इनमें सिंबा, सुल्तान के परिवार के अलावा शेरनी जेसिका, हीर, राधिका, शेर कान्हा व गीगो भी शामिल हैं।