एक जनपद एक नदी योजना; इटावा में 1 जून से शुरू होगा 53 किमी लंबी सिरसा नदी का पुनरुद्धार कार्य
जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने इटावा में सिरसा नदी के पुनरुद्धार कार्य की समीक्षा की, जो 1 जून से शुरू होगा। 53 किलोमीटर लंबी नदी की सफाई, अतिक्रम ...और पढ़ें

HighLights
एक जनपद एक नदी योजना की जिलाधिकारी ने की समीक्षा
53 किलोमीटर लंबी नदी की सफाई और अतिक्रमण हटाया जाएगा
प्राकृतिक खेती, तालाबों की सफाई और पौधारोपण पर भी जोर
जागरण संवाददाता, इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में एक जनपद एक नदी, डिजिटल लाइब्रेरी, गोशाला एवं प्राकृतिक खेती के कार्यक्रमों की समीक्षा की। एक जनपद एक नदी योजना के अंतर्गत चिन्हित सिरसा नदी के पुनरुद्धार कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि नदी की कुल लंबाई 53 किलोमीटर है, जिसमें सैफई क्षेत्र में 08 किमी, जसवंतनगर में 36 किमी एवं बसरेहर में 09 किमी क्षेत्र शामिल है। उन्होंने कहा कि नदी की सफाई एवं अतिक्रमण हटाने में तहसीलों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राजस्व अभिलेखों के अनुसार भूमि चिन्हित की जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एक जून से कार्य प्रारंभ किया जाए। उससे पूर्व भूमि चिन्हांकन की कार्रवाई पूरी कर लें। उन्होंने प्रधानों, लेखपालों एवं ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक कराकर भूमि चिन्हित करने तथा अभिलेखों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। वन विभाग को मानकों के अनुरूप पौधारोपण कराने को कहा गया। नगर निकायों को निर्देशित किया गया कि नदी में गंदा पानी न जाए, इसके लिए बायोरेमेडिएशन एवं फाइटोरेमेडिएशन की व्यवस्था की जाए तथा फिल्टर चैंबर बनाए जाएं। साथ ही चेक डैम निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी अभियान के अंतर्गत 08 तालाबों की सफाई कराए जाने की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जनप्रतिनिधिगण के गांवों को भी इसमें शामिल करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सभी को पसंद है, इसलिए लोगों का सहयोग एवं जागरूकता लगातार बढ़ रही है। प्राकृतिक खेती के संबंध में बताया कि बढ़पुरा के कंधानी, सैफई के बैदपुरा तथा बसरेहर के चौबिया क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑर्गेनिक खेती की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह हमारी पुरानी परंपरागत ज्ञान प्रणाली का हिस्सा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि भूसे के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे भविष्य में समस्या और बढ़ सकती है। इसलिए नेपियर घास की बुवाई तेजी से कराई जाए ताकि भूसे पर निर्भरता कम हो सके।
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बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, उप निदेशक कृषि आरएन सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रमेश चन्द्र, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. धर्मेन्द्र सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी सहित समस्त अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थिति रहे।