यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लोकनृत्य में होता है भारतीय संस्कृति का दर्शन
अयोध्या महोत्सव में फोक अवार्ड शो का आयोजन किया गया। इसमें लोक विधाओं से जुड़े कलाकारों ने गायन व नृत्य की भाव विभोर करने वाली प्रस्तुतियां दीं। कलाकार ...और पढ़ें

अयोध्या: अयोध्या महोत्सव में फोक अवार्ड शो का आयोजन किया गया। इसमें लोक विधाओं से जुड़े कलाकारों ने गायन व नृत्य की भाव विभोर करने वाली प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों को फोक अवार्ड व स्मृति चिह्न से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पं. ज्वाला प्रसाद संगीत शोध संस्थान के प्रबंधक पं. सत्यनारायण मिश्र थे। संयोजन बृजमोहन तिवारी ने किया।
पं. ज्वाला प्रसाद संगीत शोध संस्थान के प्रबंधक पं. सत्यनारायण मिश्र ने कहा कि लोक नृत्य देशज संस्कृति की सर्वश्रेष्ठ अभिव्यक्ति है। नृत्य में संगीत की चाल, चेहरे की भाव भंगिमाएं, सजावट आदि संस्कृति से परिचित कराती हैं। लोक नृत्य हमारी परंपरा का विशेष अंग है। अयोध्या महोत्सव न्यास के अध्यक्ष हरीश श्रीवास्तव ने कहाकि भारत विविधताओं का देश है। महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों के लोकगीत व संगीत की विविधता दिखाई देती है। इस विविधता को हमारी संस्कृति एक माला की भांति जोड़ती है। कार्यक्रम मुख्य रूप से सूफी गायक रिजू राज, चिटू सागर, रजनीश गुप्ता, राजेश यादव ने अपनी प्रस्तुति दी। लोकगायक करमचंद देहाती की प्रस्तुति से दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। महोत्सव प्रबंधक रवि तिवारी के संयोजन में सोशल वेलफेयर अवार्ड व नाहिद कैफ के संयोजन में डांडिया नाइट का भी आयोजन हुआ। इस अवसर पर आकाश अग्रवाल, अरुण द्विवेदी, रेणुका रंजन श्रीवास्तव, चंद्रशेखर तिवारी, विजय यादव, अनुजेंद्र तिवारी, विवेक पांडेय, एसबी सागर, बृजमोहन तिवारी, मोहित मिश्रा, श्रृष्टि सिंह, श्रद्धा तिवारी, श्रुति श्रीवास्तव, डा. निखिल उपाध्याय, ऋचा उपाध्याय, पूजा अरोड़ा, जयांश श्रीवास्तव, गौरव सिंह, उज्वल चौहान, सौरभ मिश्रा, प्रवीण सिंह, प्रशांत गौड़, निकिता चौहान, रोहित रायजदा, भास्कर विश्वकर्मा मौजूद रहे।