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    भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में गंगा पुल का वादा तो पूरा हुआ, लेकिन कमालगंज को जाम से नहीं मिली मुक्ति

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 10:36 PM (GMT+05:30)

    भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर के रिपोर्ट कार्ड में विकास कार्यों और अधूरे वादों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया है। ...और पढ़ें

    नागेंद्र सिंह राठौर, भोजपुर विधायक

    नागेंद्र सिंह राठौर, भोजपुर विधायक

    HighLights

    1. गंगा पर पुल बना, पर कमालगंज बाईपास अधूरा।

    2. सड़क और बिजली में सुधार, शिक्षा-स्वास्थ्य में कमी।

    3. विधायक के दावों पर विपक्ष उठा रहा सवाल।

    जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। 2022 के विधानसभा चुनाव में जिन वादों के साथ चुनावी समर जीत कर विधानसभा पहुंचे विधायक का अब वर्तमान कार्यकाल पूरा होने में कुछ ही महीने बचे हैं। 2027 में फिर से विधानसभा चुनाव की डुगडुगी पिटने वाली है। पिछले पांच वर्षों में विधानसभा क्षेत्रों में विधायकों ने अपने कितने वादे पूरे किए हैं और कितने अभी वादे पूरा करना बाकी है।

    इस पर भोजपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक नागेंद्र सिंह राठौर का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया गया है। इस विधानसभा क्षेत्र में कई समस्याएं अभी कई दिखती हैं, तो कई समस्याओं का समाधान भी हुआ है। सड़क बिजली और पानी की सुविधा में काफी हद तक सुधार हुआ है। शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में अभी काफी काम होना बाकी है।

    विधायक की ओर से दावा है कि उन्होंने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। कुछ काम शेष हैं, वह जल्द ही पूरे कराए जाएंगे। वहीं विपक्षी इन दावों को हवाई बताते हैं।

    विधानसभा क्षेत्र भोजपुर हरदोई, कन्नौज और मैनपुरी की सीमा तक फैला है। इस क्षेत्र से 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से विधायक नागेंद्र सिंह राठौर लगातार दूसरी बार चुने गए। पिछले चुनाव में उन्होंने कमालगंज की कनेक्टिविटी हरदोई से सीधी करने के लिए गंगा के महमदगंज मड़ैयन घाट पर पुल बनवाने, कमालगंज कस्बे को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बाईपास और ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों और शिक्षा-चिकित्सा क्षेत्र में विकास कराने के वादे किए थे।

    इनमें से अब तक गंगा का पुल तैयार हो चुका है, लेकिन इसे चालू होने में अभी तीन से चार महीने का वक्त लगेगा। बाईपास का निर्माण न होने के कारण कमालगंज को जाम से मुक्ति नहीं मिल पाई है। कानपुर-फर्रुखाबाद मार्ग पर बसे इस कस्बे में अतिक्रमण के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। इससे लोगों को हर वक्त जाम से जूझना पड़ता है।

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    सहालग और त्योहार के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। बिजली की समस्या को दूर करने के लिए निसाई में नया पावर हाउस बना है। ग्रामीण इलाकों में इक्का-दुक्का मजरे को छोड़कर हर गांव में बिजली पहुंची है। ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों का जाल दिखता है, लेकिन चिकित्सीय सेवाओं का अभी भी क्षेत्र में खासा अभाव है।

    इस विधानसभा क्षेत्र में कमालगंज और मोहम्मदाबाद क्षेत्र में केवल एक-एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की कमी है। इसलिए लोगों को बड़े कस्बों की दौड़ लगानी पड़ती है। इस विधानसभा क्षेत्र में कई गांवों में युवा सेना भर्ती की तैयारी करते हैं।

    इस कारण यहां कई गांवों में विधायक निधि से बनवाई गईं ओपेन जिन भी दिखती हैं। प्रमुख चौराहों पर स्ट्रीट और हाईमास्ट लाइटों पर भी विधायक ने अपनी निधि खर्च की है। खिमसेपुर में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से रोजगार की संभावनाओं को बल मिला है।

    जो वादे किए वह पूरे किए : नागेंद्र सिंह राठौर

    विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि मड़ैयन घाट का पुल तैयार है। संपर्क मार्ग बन जाने से कमालगंज कस्बे के लोगों को हरदोई का सुगम रास्ता मिल जाएगा। इससे यहां व्यापार बढ़ेगा। उनके कार्यकाल में पहले वर्ष कोरोना काल के कारण निधि कम मिली थी।

    उसके बाद से पांच करोड़ प्रतिवर्ष मिलने लगी। इससे क्षेत्र में सीसी रोड और डामर रोड बनवाई गईं। शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए मुख्यमंत्री माडल कंपोजिट विद्यालय दुर्गूपुर में बन रहा है। केंद्रीय विद्यालय भी क्षेत्र में खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं। खिमसेपुर में उनके प्रयास से ही औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुआ है। इसमें बड़ी बड़ी कंपनियां लग रही हैं।

    इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। कानपुर-फतेहगढ़ मार्ग फोरलेन प्रस्तावित है। वह बनेगा तो कमालगंज में बाईपास का निर्माण भी होगा। इससे जाम से मुक्ति मिल जाएगी। निसाई में बड़े पावर हाउस से ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुधरी है। युवाओं की सेहत सुधारने के लिए ओपेन जिम भी बनवाई गई हैं।

    2022 के चुनाव में बसपा प्रत्याशी रहे आलोक वर्मा कहते हैं कि विकास के नाम पर हवाई दावे किए जा रहे हैं। छिबरामऊ से रजीपुर मार्ग जो सीधा शृंगीरामपुर जाता है। उसकी हालत क्षेत्र में हुए विकास की हकीकत बताती है। किसान हो या फिर नौजवान, सब परेशान हैं।

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    बिजली की अघोषित कटौती के कारण किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहा है। क्षेत्र में शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था काफी खराब है। न तो अच्छे विद्यालय हैं और न ही चिकित्सालय। सब निजी लोगों के हाथ में है। जो सड़कें बनी भी हैं, उनकी गुणवत्ता खराब होने के कारण अभी से उखड़ने लगी हैं।


    ‘‘विकास कार्य तो कराए गए, लेकिन इसका नगर की जनता को सीधा फायदा नहीं मिला है। गंगा पर बनाया गया पुल चालू होने पर कुछ फायदा होने की उम्मीद है। विधायक को शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में कुछ और प्रयास करने चाहिए जो कि अब तक नहीं किए गए हैं।’’- प्रदीप कुमार विश्नोई, कमालगंज

    ‘‘भाजपा शासन में विकास कार्य तो कराया गया, लेकिन नगर की प्रमुख जाम की समस्या से निजात के लिए विधायक द्वारा बाईपास बनवाने का वादा आज तक पूरा नहीं किया गया है। बाईपास निर्माण हो जाने से कस्बे में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। पेयजल व्यवस्था भी ठीक नहीं है।’’- रामू चौरसिया, कारोबारी कमालगंज

    ‘‘भाजपा की जनकल्याणकारी योजनाएं अच्छी हैं। खिमसेपुर नगर पंचायत बनने से इस पिछड़े क्षेत्र का काफी विकास हुआ है। यहां औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से युवाओं को रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में अभी गुणवत्तापूर्ण सड़कें नहीं बन पाई हैं। विधायक को इस ओर ध्यान देना चाहिए।’’- पूरन सिंह भदौरिया, सेवानिवृत प्रधानाचार्य मोहम्मदाबाद

    ‘‘खिमसेपुर क्षेत्र में नगर पंचायत बनने और औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने पर क्षेत्र का विकास काफी तेजी से हुआ है। दुर्गूपुर में मुख्यमंत्री माडल कंपोजिट विद्यालय खुलने से शिक्षा के लिए बच्चों को दूर नहीं जाना पड़ेगा। काली नदी पर पुल बनने से यह क्षेत्र सीधे प्रेमपुर से जुड़ जाएगा।’’- अजय दुबे, प्रधानाचार्य, मदनपुर।