फर्रुखाबाद स्टेशन पर पटरियों के बीच 60 साल पहले बनी थी मजार, अब हटाई गई
फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर माल गोदाम की पटरियों के बीच बनी दशकों पुरानी मजार को बुधवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हटा दिया गया। इ ...और पढ़ें
HighLights
फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन से दशकों पुरानी मजार हटाई गई।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई।
रेलवे ट्रैक सीधा करने और नई लाइन बिछाने का मार्ग प्रशस्त।
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। रेलवे स्टेशन पर मालगोदाम की पटरियों के बीच बनी मजार बुधवार दोपहर को हटा दी गई। इस दौरान पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। रेलवे कर्मियों ने वहां से मजार का मलबा हटाकर जमीन को समतल कर दिया। मजार हटने के बाद घुमाकर डाली गई रेलवे लाइन को सीधी करने का रास्ता साफ हो गया है। नई रेलवे लाइन भी डाले जाने की संभावना है।
रेलवे स्टेशन पर मालगोदाम की दो लाइनों के बीच एक मजार बनी थी। जिससे रेलवे लाइन सीधी नहीं डाली जा सकी। रेलवे अधिकारियों ने पांच साल पहले इस मजार को हटाने का प्रयास किया था, लेकिन विरोध के चलते सफल नहीं हो सके। गत माह एक संगठन के पदाधिकारियों ने मौके पर जाकर मजार हटाने की मांग की थी।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम सदर गजराज सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार पुलिस बल के साथ स्टेशन पर पहुंचे। एसडीएम पूरे समय स्टेशन पर ही रुक गए और अपर पुलिस अधीक्षक, मऊदरवाजा थाना प्रभारी अजब सिंह, शहर कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गहलौत के साथ मौके पर पहुंचे। वहां रेलवे के इंजीनियर सुयश द्विवेदी, आरपीएफ थाना प्रभारी ओमप्रकाश मीणा, जीआरपी थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह सोलंकी के साथ पहले से मौजूद थे।

रेलवे स्टेशन मालगोदाम पर रेलवे लाइनों के बीच बनी मजार तोड़ते रेलवे कर्मचारी। जागरण
रेलवे के कर्मचारियों ने करीब एक घंटे में हथौड़ों से मजार को तोड़ दिया। ट्रैक्टर ट्राली मंगाकर मलबा भी हटवा दिया गया। इसके बाद जमीन को समतल करवा दिया। यह मजार कई दशक पहले अवैध रूप से बनाई गई थी। मुहल्ला घेरशामू खां के कुछ लोग वहां अगरबत्ती लगाने जाते थे। कुछ माह से रेलवे अधिकारी सक्रिय हुए तो लोगों ने मजार पर आना-जाना बंद कर दिया था।
ध्वस्तीकरण के दौरान वहां कोई नहीं पहुंचा। आरपीएफ थाना प्रभारी ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर अवैध ढांचे को हटा दिया गया है। बताया गया है कि अब वहां एक दूसरी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी, जिससे मालगाड़ी व ट्रेनों के आवागमन में सुविधा बढ़ेगी।