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    फर्रुखाबाद में दरोगा व सिपाही ने वकील को हवालात में बंद कर पीटा, चोटी काटी, अब 10 साल रहेंगे सलाखों के पीछे

    Updated: Fri, 16 Jan 2026 08:55 PM (GMT+05:30)

    फतेहगढ़ में आठ साल पहले वकीलों को हवालात में बंद कर पीटने, एक वकील की चोटी काटने और लूटपाट के मामले में दो पुलिसकर्मियों को 10 साल की सजा सुनाई गई है। ...और पढ़ें

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    1. 61-61 हजार रुपये किया गया जुर्माना, पीड़ित को 40-40 हजार मिलेगी क्षतिपूर्ति

    2. आठ वर्ष पहले तीन वकीलों के साथ की थी मारपीट, एक की काट ली थी चोटी

    जागरण संवाददाता, फतेहगढ़(फर्रुखाबाद)। जानलेवा हमले की शिकायत करने कोतवाली गए तीन वकीलों को हवालात में बंद कर पीटने, एक वकील की चोटी काटने व दो हजार रुपये, अंगूठी लूटने के मुकदमे में दोषसिद्ध जालौन में तैनात दारोगा अनिल भदौरिया व इटावा में तैनात सिपाही सुरेंद्र सिंह को विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने दस वर्ष की सजा सुनाई है।

    61-61 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दारोगा अनिल भदौरिया आगरा के थाना चित्राहट के नवीनपुर के रहने वाले हैं और सिपाही सुरेंद्र सिंह झांसी के थाना सकटाट के सिलगुआ निवासी है।

    मुहल्ला नेकपुर कलां निवासी वकील शैलेंद्र कुमार शर्मा ने 21 जुलाई 2018 को तत्कालीन कर्नलगंज चौकी प्रभारी अनिल भदौरिया, एसएसआइ दीपक कुमार, सिपाही सुरेंद्र सिंह व नवनीत यादव के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि 10 जनवरी 2018 को कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट कर जान से मारने की नियत से फायर किया था।

    इस घटना की सूचना देने वह अपने साथी वकील शैलेंद्र सिंह व अमित तिवारी के साथ कोतवाली गए। वहां पर आरोपित पुलिस कर्मियों ने तीनों वकीलों के साथ गाली गलौज कर मारपीट की। धार्मिक भावना को आहत करने के उद्देश्य से शैलेंद्र कुमार शर्मा की चोटी काट ली और उससे दो हजार रुपये, एटीएम, सोने की अंगूठी लूट ली।

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    तीनों वकीलों को रात में हवालात में बंद कर मारपीट करते रहे। परिवाद में चारों को पुलिसकर्मियों को तलब किया गया। आरोपित दीपक कुमार व सिपाही नवनीत यादव को उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश मिला हुआ है। दारोगा अनिल भदौरिया व सिपाही सुरेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमे में सुनवाई हुई।

    बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज प्रताप सिंह ने दलीलें पेश की। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने बुधवार को दारोगा अनिल भदौरिया व सिपाही सुरेंद्र सिंह को मारपीट व लूट के जुर्म में दोषी कराकर देकर जेल भेज दिया था। शुक्रवार को दोनाें दोषसिद्ध जेल से न्यायालय में पेश किए गए।

    न्यायाधीश ने दोनों दारोगा अनिल भदौरिया व सिपाही सुरेंद्र सिंह को दस-दस वर्ष की सजा और जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना राशि वसूल होने पर उससे घटना में चुटहिल हुए वकील शैलेंद्र कुमार शर्मा, शैलेंद्र सिंह व अमित तिवारी को 40-40 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।