कानपुर-कासगंज के बीच 244 किमी रेलवे लाइन का दोहरीकरण, ड्रोन से सर्वे शुरू, हटेगा अतिक्रमण
कानपुर-कासगंज 244 किमी रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए ड्रोन सर्वे जारी है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर रेलवे लाइन के किनारे से अतिक्रमण हटाया जाएगा, जिससे ...और पढ़ें

HighLights
ड्रोन सर्वे रिपोर्ट के बाद रेलवे लाइन के किनारे हटेगा अतिक्रमण, होगा दोहरीकरण
कानपुर, कासगंज के बीच 244 किमी रेलवे लाइन का होना है दोहरीकरण
भोलेपुर, क्रिश्चियन कंपाउंड, देवरामपुर के निकट आबादी होगी प्रभावित
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। कानपुर से लेकर कासगंज के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब रेलवे की ओर से कानपुर से कासंगज रेलवे लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। इसके लिए ड्राेन से सर्वे कराने के बाद अतिक्रमण को हटाया जाएगा। इससे रेलयात्रा और ज्यादा सुगम होगी।
पूर्वोत्तर रेलवे की कानपुर-कासगंज रेलवे लाइन का दोहरीकरण कराने के लिए ड्रोन से सर्वे का कार्य चल रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर रेलवे लाइन के किनारे से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसका सबसे अधिक प्रभाव शहर के मुहल्ला भोलेपुर, क्रिश्चियन कंपाउंड और देवरामपुर के सामने बसी नई आबादी पर पड़ने की संभावना है। दोहरीकरण का लाभ केवल जनपद फर्रुखाबाद को ही नहीं, बल्कि आसपास के जनपदों को भी मिलेगा।
रेलवे ने कानपुर-कासगंज 244 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए सर्वे को गत वर्ष रेल बजट में 5.82 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इस सर्वे का कार्य एक निजी कंपनी को सौंपा गया है। कंपनी के ड्रोन पायलट रोहित कुमार ने बताया कि उन्होंने दस दिन पहले कानपुर से ड्रोन के माध्यम से सर्वे शुरू किया था। यह सर्वे कासगंज तक आबादी क्षेत्र में किया जाएगा। इसके बाद वीडियो फुटेज और मैप के आधार पर पटरी के किनारे अतिक्रमण का आकलन किया जाएगा। रिपोर्ट रेलवे को सौंपी जाएगी।
रेलवे दोहरीकरण की डीपीआर पर निर्णय सर्वे रिपोर्ट के बाद ही करेगी, जिसके बाद केंद्र सरकार से बजट मांगा जाएगा। इससे स्थानीय नागरिकों में दोहरीकरण के बाद लंबी दूरी की यात्रा सुविधाजनक होने की उम्मीद जगी है। वहीं, रेलवे लाइन के किनारे रह रहे लोगों की चिंता भी बढ़ी है, विशेषकर भोलेपुर की पुरानी आबादी के लिए। रेलवे के सहायक मंडल अभियंता सुयश द्विवेदी ने बताया कि उनके अनुसार, दोहरीकरण के लिए कानपुर-कासगंज रेलवे लाइन का सर्वे निर्माण विभाग करा रहा है।