फर्रुखाबाद में नरौरा बांध से छोड़ा गया पानी, तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण नरौरा बांध से गंगा में पानी छोड़े जाने से फर्रुखाबाद के तटवर्ती गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ गया है।

तस्वीर- फाइल।

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जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते नरौरा बांध से गंगा में पानी का डिस्चार्ज बढ़ा दिया गया है। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना को लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों में बाढ़ और कटान की आशंका बढ़ गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार को गंगा का जलस्तर समुद्र तल से 135.40 मीटर पर स्थिर रहा। नरौरा बांध से 55,421 क्यूसेक और हरिद्वार से 70,341 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं रामगंगा का जलस्तर अभी गेज से नीचे है। खोह, हरेली और रामनगर से रामगंगा में 1,674 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
गंगा किनारे बसे तीसराम की मड़ैया, बंगला और करनपुर घाट के ग्रामीण संभावित कटान और बाढ़ को लेकर चिंतित हैं। नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह ने बताया कि फिलहाल किसी भी गांव में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।
एनडीआरएफ ने दिए बाढ़ से बचाव के टिप्स
शमसाबाद क्षेत्र के जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुआंखेड़ा खास में राष्ट्रीय आपदा मोचक दल (एनडीआरएफ) ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। प्रभारी रमाकांत यादव ने छात्रों, शिक्षकों और ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और बचाव के उपायों की जानकारी दी।
उन्होंने जहरीले कीड़ों और अन्य संभावित खतरों से बचाव के तरीके भी बताए। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य रावेंद्र सिंह सहित विद्यालय स्टाफ और ग्रामीण मौजूद रहे।
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