कागजों में 6 करोड़ का मालिक, असलियत में फटेहाल: फतेहपुर में ई-रिक्शा चलाने वाले के नाम पर 3 करोड़ की GST चोरी
फतेहपुर में अंसार नामक एक गरीब ई-रिक्शा चालक कागजों में छह करोड़ का मालिक और 'अंसार इंटरप्राइजेज' नामक फर्म का संचालक निकला, जिसने तीन करोड़ की जीएसटी ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, फतेहपुर। कागज में उद्योगपति एवं छह करोड़ के मालिक अंसार पुत्र गफ्तार असल जिंदगी में फटेहाल हैं। वह शहर के पठान मुहल्ले में टूटे-फूटे मकान में रहकर ई-रिक्शा में फेरी लगाकर (कपड़े बेंचना) परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
गजब यह है कि पिछले कई साल से उनके नाम से अंसार इंटरप्राजेज नामक फर्म काम कर रही है, बीते वित्तीय वर्ष में इस फर्म ने तीन करोड़ जीएसटी की चोरी की है। अब राज्य कर विभाग प्रयागराज की टीम ने अंसार के घर छापा मारा तो टीम घर की स्थिति देखकर हक्का-बक्का रह गयी।
डिप्टी कमिश्नर राजेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में जिले पहुंची टीम ने दोपहर में अंसार के घर छापा मारा, और व्यवसाय के बारे में पूछताछ की। अंसार व स्वजन ने अपनी आपबीती बताई तो इनके बयान दर्ज कर टीम प्रयागराज लौट गयी। टीम जाने के बाद से अब शहर भर में चर्चा है कि आखिर नाम, पता, और मोबाइल नंबर जब सब अंसार का ही है, तो आखिर जीएसटी पंजीयन के जरिए कौन व्यक्ति इस फर्म के जरिए व्यापार कर रहा है।
अंसार के पिता गफ्तार ने बताया कि प्रयागराज की टीम के अफसर यही पूछ रहे थे कि आखिर कब से लोहे के स्क्रैब का व्यापार कर रहे हैं, जबकि पीड़ित व उसके पिता ने किसी भी व्यापार से इनकार किया। डिप्टी कमिश्नर राजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि जांच की जा रही है।
बिजली का बिल दस्तावेज के रुप में लगाया
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जीएसटी प्रयागराज की टीम सबसे पहले बिजली विभाग के दफ्तर पहुंची, टीम के हाथ में एक बिजली का बिल था जो अंसार के नाम था। इस बिल पर दर्ज पते का मिलान फर्म में दर्ज पते से किया गया। जो कि दोनों ही एक पाये गये।
बिजली बिल व फर्म में दर्ज पता में 166 पठान मोहल्ला आबूनगर दर्ज जिसमें अंसार का मकान नंबर भी दर्ज है। जीएसटी अफसरों ने माना कि किसी भी बिजली बिल के जरिए फेंक फर्म बनाकर व्यवसाय किया है।
क्या बोले पीड़ित
अंसार का कहना है कि हमारे घर में जीएसटी के अधिकारी आए थे, कह रहे थे तुम्हारी फर्म ने घपला किया। जबकि मेरी कोई फर्म नहीं है मैं ई-रिक्शा में फेरी लगाता हूं, पिता जी भी यही काम करते हैं। हम बेहद गरीब है, हमारे नाम से कौन फर्म बनाकर करोड़ों का काम कर रहा है हम जानते ही नहीं है।