स्मार्ट प्रीपेड मीटर हर घर में लगेगा, एक्सईएन ने दूर कर दी गलतफहमी, बताई- मीटर तेज भागने की वजह
स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की चिंताओं पर एक्सईएन रत्नेश जायसवाल ने स्पष्टीकरण दिया है। प्रीपेड मीटर अनिवार्य होंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं क ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। स्मार्ट बिजली मीटर की तेज भागने, रिचार्ज कराते ही बैलेंस खत्म हो जाने, और एक ही दिन में भारी बिल बनने की अनेक समस्याएं स्मार्ट प्रीपेड मीटर में आ रहीं हैं। उपभोक्ता इससे परेशान हैं।
शुक्रवार को विद्युत वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन रत्नेश जायसवाल ने इन कमियों को भ्रांति बताया और इनके जवाब मीडिया के समक्ष दिए।
बोले- पहली भ्रांति यह है कि स्वेच्छा से ही प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगेगा, यह बिल्कुल गलत है। एक अप्रैल को जारी गजट में स्पष्ट है कि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या है वहां पोस्टपेड मीटर लगेंगे, प्रीपेड की बाध्यता नहीं है, लेकिन जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या नहीं है, वहां शतप्रतिशत प्रीपेड मीटर ही लगेंगे।
एक सवाल के जवाब में कहा कि फतेहपुर में तीन डिवीजन में और तीनों में नेटवर्क की स्थिति शतप्रतिशत है ऐसे में सभी जगह पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर ही लगेंगे और अनिवार्य रूप से लोगों को यही लगवाने पड़ेंगे। पुराने कनेक्शनों में मीटर बदलने का काम जारी है, जबकि नए कनेक्शन पर शतप्रतिशत स्मार्ट प्रीपेड मीटर ही लगाया जा रहा है।
रिचार्ज करते ही पैसा खत्म होने के सवाल पर कहा कि अगर उपभोक्ता का पिछला कोई बकाया है, या मीटर में रीडिंग स्टोर है और उसका बिल जनरेट नहीं हुआ तो रिचार्ज करने पर आटोमैटिक रिचार्ज राशि से ही बकाया राशि पर 10 से 25 प्रतिशत की कटौती होगी।
कहा कि डिवीजन प्रथम में 1.72 लाख उपभोक्ता है, जिसमें अब तक 68 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गये हैं, स्मार्ट में से 64 हजार को प्रीपेड में तब्दील किया जा चुका है।
एडवांस रिचार्ज पर दो प्रतिशत ब्याज भी मिलेगा
एक्सईएन ने कहा कि उपभोक्ता का यदि बकाया शून्य है और वह प्रीपेड मीटर पर एडवांस रिचार्ज के जरिए बिजली प्रयोग करता है तो एक हजार की रिचार्ज राशि पर 1020 रुपये की बिजली खर्च करने के लिए दी जाती है।
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मतलब कि एडवांस रिचार्ज राशि पर दो प्रतिशत का ब्याज भी मिल रहा है। अब बिल यूनिट रेट, फिक्स चार्ज और ब्याज राशि को मिलाकर प्रतिदिन बनता है। पहले यह मासिक बनता था।
बिजली की दरें
| शहरी क्षेत्र | |
| यूनिट खर्च (मासिक) | दर प्रति यूनिट (रुपये) |
| 150 यूनिट तक | 5.50 |
| 151 से 300 यूनिट तक | 6.00 |
| 301 से अधिक | 6.50 |
| ग्रामीण क्षेत्र | |
| यूनिट खर्च (मासिक) | दर प्रति यूनिट (रुपये) |
| 100 यूनिट तक | 3.35 |
| 101 से 150 यूनिट तक | 3.85 |
| 151 से अधिक | 5.50 |