'पिटते-पिटते थक गई थी, इसलिए हाथ उठाना पड़ा...' फतेहपुर में पति को बंधक बनाकर टॉर्चर करने वाली पत्नी का बड़ा खुलासा
फतेहपुर के औंग में पत्नी ने पति को रस्सी से बांधकर करंट लगाया और पीटा, जिसके बाद उसे डेढ़ साल की बेटी के साथ जेल भेज दिया गया। महिला ने बताया कि पति क ...और पढ़ें
HighLights
परसदेपुर गांव में पति को बंधक बनाकर पीटने के आरोप में महिला गिरफ्तार
पुलिस ने घर से बरामद की लोहे का राड, डंडा व करंट लगाने वाला बिजली का तार
मां के जेल जाने के बाद घर में रहेंगे दो भाई बहन, डेढ़ वर्ष की बच्ची साथ गई जेल
संवाद सूत्र, औंग(फतेहपुर)। औंग थाने के परसदेपुर गांव में हलवाई संजीव तिवारी को चारपाई पर रस्सी से बांधकर करंट लगाने और पीटने के मामले में पुलिस ने आरोपित महिला को जेल भेज दिया है। पुलिस को पूछताछ में महिला ने जुर्म स्वीकारते हुए कहाकि रोज-रोज पिटते-पिटते थक गई थी, मजबूरी में हाथ उठाना पड़ा। गुस्से में इतनी चोट लग जाएगी यह उसे आभास नहीं था। उधर पुलिस ने मारपीट में प्रयुक्त लोहे की राड, डंडा व करंट लगाने वाला तार बरामद किया है। महिला को न्यायिक हिरासत में कोर्ट ने मासूम पुत्री के साथ जेल भेज दिया है।
थाने के परसदेपुर गांव निवासी हलवाई संजीव तिवारी को उसकी पत्नी और पुत्री ने मिलकर मारपीट कर करंट लगा दिया था। शोर मचाने पर पड़ाेस में रहने वाले भाई मनीष तिवारी व पड़ोसियों ने हलवाई की जान बचाई थी। गंभीर हालत में हलवाई को इलाज के लिए एलएलआर कानपुर ले जाया गया है। जहां आपरेशन के बाद सिर पर 31 टांके लगाए गए हैं। हलवाई की हालत गंभीर बनी हुई है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि उसे कोमा में जाने की स्थित से बचा लिया है। उधर पुलिस ने हलवाई की पत्नी रन्नो तिवारी को उसकी डेढ़ वर्ष की पुत्री के साथ गिरफ्तार किया है।
मंगलवार को महिला को पुत्री सहित पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। जहां से पुत्री सहित उसे जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी दिनेश शुक्ला ने बताया कि महिला की निशानदेही पर घर से रस्सी, लोहे की राड, डंडा बिजली का तार बरामद किया गया है। महिला ने पूछताछ बताया कि उसका पति काे इतनी चोट पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। रोज-रोज शराब पीकर मारपीट
करने के कारण वह थक चुकी थी। इस कारण गुस्सा आ गया और मजबूरी में हाथ उठाना पड़ा। पति अक्सर घर शराब पीकर आते हैं और मारपीट करते थे। गुस्से में रस्सी से चारपाई पर बांध दिया। इसके बाद लोहे की राड व डंडे से मारने लगी। गुस्से में उन्हें अधिक चोट लग गई है। थाना प्रभारी ने कहाकि मासूम बच्ची के साथ महिला को कोर्ट ने जेल भेज दिया है।
खबरें और भी
बिना गुनाह बेटी काटेगी जेल..... मासूम के चेहरे के भाव मेरा क्या कसूर
हलवाई दंपती के तीन संतानें हैं। इसमें 16 वर्षीय पुत्री, 14 वर्षीय दिव्यांग पुत्र व डेढ़ वर्ष की पुत्री है। घटना के बाद से दोनों बच्चे सहम गए हैं। उनसे जब भी कोई मारपीट को लेकर पूछता है तो वह रोने लगते हैं। पति पर जान लेवा हमले के आरोपित महिला को जेल भेजने के से पहले पुलिस ने महिला के देवर मनीष तिवारी व बहन अंजू तिवारी को थाने बुलाया।
दोनों से डेढ़ माह की बच्ची को रखने के लिए पूछा। इस पर डेढ़ माह की मासूम बच्ची को कोई रखने के लिए तैयार नहीं हुआ। इस पर पुलिस ने लिखापढ़ी करके महिला के साथ बच्ची को जेल भेज दिया। जेल जाते हुए मासूम के चेहरे के भाव आसानी से पढ़े जा सकते थे, मानो वह कह रही हो कि आखिर जेल जाने में मेरा क्या कसूर है। हालांकि दो बच्चे और घर पर ही पड़ोसी शुभम द्विवेदी व भाई मनीष तिवारी की देखरेख में रहेंगे।
घटना की निष्पक्ष जांच की उठ रही मांग
उधर घटना को लेकर स्वजन दबी जुबान निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। घटना के पीछे किसी तीसरे का हाथ होने या फिर मौजूदगी का शक जता रहे हैं। हालांकि घटना के समय घर पर मौजूद रहे हलवाई के पुत्र और पुत्री कुछ भी नहीं बता रहे हैं। वह दोनों दहशत में हैं, पिता के घायल होकर अस्पताल में पड़े होने और मां के जेल जाने के बाद बच्चे घबरा गए हैं। नाम न लिखे जाने की शर्त पर स्वजन का कहना है कि महिला के मोबाइल की काल डिटेल की जांच होनी चाहिए। तभी घटना का सही राजफाश हो पाएगा।