फिरोजाबाद में फिटनेस का 'बड़ा खेल': अनफिट स्लीपर बसों को बांटे गए सर्टिफिकेट, ATS का रजिस्ट्रेशन रद
फिरोजाबाद में अनफिट स्लीपर कोच बसों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने वाले निजी ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। ...और पढ़ें

फाइल फोटो।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
योगेश चौहान, फिरोजाबाद। वाहनों की फिटनेस में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जनवरी 2025 मेंं जिले में खोले गए पहले निजी स्वचलित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) में बड़ा खेल हो गया। अनफिट स्लीपर कोच बसों को फिट दिखाकर सवारियों की जान जोखिम में डालने के प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए।
शिकायतों के आधार पर परिवहन आयुक्त ने मंडलायुक्त आगरा से जांच कराई तो 50 में से 40 में गंभीर कमियां पाई गईं। इसके बाद एटीएस का पंजीकरण प्रमाण पत्र रद करने के साथ ही उसकी पांच लाख रुपये की जमानत राशि जब्त कर ली गई है। जिन बसों की गलत तरीके से फिटनेस जारी की गई। उनमें सर्वाधिक बिहार की हैं। इन सभी के फिटनेस प्रमाण पत्र भी रद किए गए हैं।
व्यवसायिक वाहनों की फिटनेस जांच वर्ष 2024 तक सिविल लाइंस स्थित एआरटीओ कार्यालय में होती थी। इसमें अनफिट वाहनों को भी रुपये लेकर फिट होने का प्रमाण पत्र देने की शिकायतें आती रहती थीं। इन पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने इस काम को निजी क्षेत्र को देने का निर्णय लिया।
जनवरी 2025 में टूंडला की फर्म मुन्ना एजेंसीज को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। फर्म स्वामी मुरारीलाल गोयल ने टूंडला के ही गांव बदनपुर में एटीएस का संचालन शुरू किया। कुछ महीने बाद ही विभाग को गलत तरीके से फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने शिकायतें मिलने लगीं।
खबरें और भी
इसके बाद पिछले वर्ष 24 दिसंबर को परिवहन आयुक्त ने मंडलायुक्त आगरा को जांच कराने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने आगरा के तत्कालीन आरटीओ अरुण कुमार सिंह से इसकी जांच कराई। उन्होंने 30 जनवरी को रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को साैंप दी।
इसके बाद संचालक को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। दो जून को परिवहन आयुक्त आशुतोष ने फर्म पर कार्रवाई की है।
मध्य प्रदेश, बिहार और यूपी की बसों की फिटनेस रद्द
आगरा के तत्कालीन आरटीओ सिंह ने फिरोजाबाद के अधिकारियों के साथ एटीएस जाकर जांच की थी। उन्होंने ऐसी 50 स्लीपर कोच बसों के दस्तावेज लिए जिनके फिटनेस प्रमाण पत्र 13 अक्टूबर 2025 से 24 जनवरी 2026 तक जारी हुए थे। जांच में पता चला कि 40 बसों में क्षमता से अधिक सीटें थीं।
कुछ में अन्य कमियां भी थीं। इन बसों में 26 बिहार, चार मध्य प्रदेश और 10 उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की थीं। इन सभी के फिटनेस प्रमाण पत्र रद कर दिए गए हैं। राहत की बात ये रही कि इस कार्रवाई से पहले ही गांव पचवान में जलेसर रोड पर नया एटीएस स्थापित कर दिया गया, जिससे फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने का काम प्रभावित नहीं हुआ।
यह भी पढ़ें- मेरठ में अचानक रोडवेज बस के आगे लेट गया युवक, ड्राईवर की सूझबूझ से बची जान
जांच और कार्रवाई होने के बीच में ही वाहनों की फिटनेस के लिए दूसरा एटीएस स्थापित करा दिया गया है। इसकी निगरानी भी कड़ाई से की जा रही है। प्रतिदिन फिटनेस होने वाले वाहनों की सूची मंगाकर उनकी जांच की जाती है। पुराने एटीएस पर कार्रवाई तत्कालीन अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर शासनस्तर से की गई है।
गौरीशंकर ठाकुर, एआरटीओ प्रशासन