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    UP विधानसभा में हंगामा, जानिए कौन हैं सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर हमेशा चर्चाओं में रहने वाले विधायक सचिन यादव

    By Digital Desk Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Tue, 04 Aug 2026 11:20 PM (IST)

    जसराना के पहली बार के विधायक इंजीनियर सचिन यादव को मानसून सत्र में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने पर यूपी विधानसभा से निलंबित कर दिया गया है। सैफई परिवा ...और पढ़ें

    जसराना से सपा विधायक सचिन यादव।

    जसराना से सपा विधायक सचिन यादव।

    जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। जसराना के राजनीतिक परिवार से रिश्ता रखने वाले पहली बार के विधायक इंजीनियर सचिन यादव सरकार के खिलाफ सबसे अधिक मुखर रहते हैं। मानसून सत्र में मुख्यमंत्री की तस्वीर पर नारा लिखकर सदन में लहराने पर विधायक पहली बार निलंबित हुए हैं।

    क्षेत्र में 'विधायक नहीं ट्रैक्टर है' के नाम से सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले विधायक के निलंबन के बाद सपा की स्थानीय इकाई की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। जसराना क्षेत्र के सियासी यादव परिवार के सदस्य इंजीनियर सचिन यादव की सैफई परिवार से रिश्तेदारी है। विधायक के ताऊ रामवीर सिंह यादव चार बार के विधायक रहे

    2017 में सैफई परिवार की कलह में रामवीर सिंह चाचा शिवपाल के खेमे में चले गए और चुनाव लड़कर हार गए। इसके बाद जब सपा परिवार में एका हुआ तो उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। अमेरिका में पढ़े लिखे इंजीनियर सचिन यादव राजनीति में सक्रिय हो गए।

    सपा सांसद और प्रोफेसर रामगोपाल के बेटे अक्षय यादव से नजदीकी की चलते पार्टी ने 2022 में उन्हें सपा का टिकट थमाया। पहली बार चुनाव में उतरे इंजीनियर सचिन यादव ने भाजपा प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह से नजदीकी जीत हासिल की।

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    क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर विधानसभा में मुखर रहे सचिन

    इंजीनियर सचिन यादव ने विधानसभा में जसराना में बस स्टैंड, बाइपास निर्माण, अग्निशमन केंद्र जैसे स्थानीय मुद्दों से लेकर युवाओं की बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता के मुद्दे प्रमुखता से उठाया। क्षेत्र में सक्रियता भी बराबर बनी रही। मानसून सत्र में उनका सरकार के खिलाफ आक्रामक अंदाज में प्रदर्शन उनके सत्र के लिए निष्कासित होने का कारण रहा

    री-काउंटिंग में 836 वोट से हासिल की थी जीत

    सपा का गढ़ माने जाने वाले जसराना क्षेत्र से पहली बार उतरे सचिन यादव ने महज 836 वोट से जीत हासिल की थी। री-काउंटिंग को लेकर मतगणना केंद्र के बाहर बवाल हुआ था। बाद में उन्हें जीत का प्रमाण पत्र दिया। पांच विधानसभा वाले फिरोजाबाद जिले में सपा के तीन विधायक हैं। 2017 के चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी।