सात फेरों से अंतिम सांस तक... फिरोजाबाद के दंपती का अटूट प्रेम, पति का साथ छूटा तो 24 घंटे में थम गईं पत्नी की सांसें
फिरोजाबाद के करनपुर गांव में एक बुजुर्ग दंपति ने सात जन्मों के साथ का वादा निभाया। पति सुभाष चंद्र के निधन के 24 घंटे के भीतर पत्नी भजनश्री ने भी सदमे ...और पढ़ें

दंपती की फाइल फोटो।
HighLights
फिरोजाबाद में बुजुर्ग पति-पत्नी की 24 घंटे में मौत।
पति सुभाष चंद्र के निधन से पत्नी भजनश्री को सदमा।
दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया।
संवाद सहयोगी, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। सात जन्मों तक साथ निभाने की कसम अक्सर फिल्मों में सुनी जाती हैं, लेकिन नसीरपुर के गांव करनपुर में एक बुजुर्ग दंपती ने इस वादे को असल जिंदगी में सच कर दिखाया। पति के निधन का सदमा पत्नी सहन नहीं कर सकी। पति की मृत्यु के 24 घंटे में दुनिया छोड़ गईं।
करनपुर निवासी 77 वर्षीय सुभाष चंद्र दिल्ली पुलिस से 2009 में सेवानिवृत्त हुए थे। कुछ दिनों पहले उन्हें हार्ट अटैक हुआ था। इसके बाद उन्हें पैरालाइसिस की शिकायत हो गई थी।
बुजुर्ग की आगरा में बेटे के पास सोमवार को हुई थी मौत
दो दिन पहले सुभाष अपने छोटे बेटे अतुल के यहां आगरा गए थे। जहां सोमवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ गई। कुछ देर बाद मृत्यु हो गई। इसके बाद अतुल पिता का शव लेकर शाम को छह बजे गांव पहुंचे। बड़े बेटे धर्मेंद्र ने अंतिम संस्कार किया। पति की मृत्यु से भजनश्री को गहरा आघात लगा। वह सदमे में थी।
24 घंंटे में मां और पिता की मौत से परिवार को लगा गहरा आघात
मंगलवार नौ बजे उनकी तबीयत बिगड़ी तो स्वजन एक निजी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। बेटे अतुल ने बताया कि 24 घंटे के भीतर माता-पिता की मृत्यु ने परिवार को गहरा आघात लगा है। उन्होंने मंगलवार दोपहर मां की चिता को मुखाग्नि दी।
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ग्रामीणों ने बताया कि पति की चिता की आग शांत नहीं हुई थी। तब पत्नी का निधन हो गया। उसी चिता पर पत्नी का भी अंतिम संस्कार किया गया।