आगरा में विकास की रफ्तार तेज: 30 नवंबर तक बनकर तैयार होगा नया सिविल एन्क्लेव, पेड़ कटाई की मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद आगरा के खेरिया एयरपोर्ट के नए सिविल एन्क्लेव और रनवे के निर्माण की बाधा दूर हो गई है। इसका लक्ष्य 30 नवंबर तक पूर ...और पढ़ें

सिविल एन्क्लेव।
HighLights
खेरिया एयरपोर्ट सिविल एन्क्लेव को सुप्रीम कोर्ट से मिली मंजूरी।
आगरा-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे के लिए पेड़ों की कटाई को हरी झंडी।
ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे और रेल ट्रैक दोहरीकरण का कार्य भी तेज।
जागरण संवाददाता, आगरा। खेरिया एयरपोर्ट के नए सिविल एन्क्लेव और रनवे की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। सुप्रीम कोर्ट से 286 पेड़ों को काटने और 121 पेड़ों को ट्रांस लोकेट करने की अनुमति मिल गई है। यह कार्य जल्द शुरू होगा। 30 नवंबर तक एन्क्लेव की बिल्डिंग और रनवे के कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नए सिविल एन्क्लेव का निर्माण 343 करोड़ और रनवे का निर्माण 80 करोड़ रुपये से हो रहा है। पूर्व में एन्क्लेव की बिल्डिंग का कार्य 31 जुलाई तक पूरा होना था लेकिन पेड़ों को काटने की अनुमति न मिलने के कारण कार्य की गति धीमी थी। अब यह अनुमति मिल गई है। एन्क्लेव और रनवे का निर्माण धनौली, बल्हैरा और अभयपुरा गांव की 60 हेक्टेयर भूमि पर किया जा रहा है। पेड़ों को काटने का प्रकरण दो साल से चल रहा है।
1537 करोड़ रुपये से बन रहा 65 किमी लंबा एक्सप्रेसवे
65 किमी लंबे खंदौली आगरा-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे का निर्माण 1537 करोड़ रुपये से होगा। यह कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) आगरा खंड कराएगा। एक्सप्रेसवे बनने से आगरा से अलीगढ़ पहुंचने में एक से डेढ़ घंटे का समय लगेगा। वर्तमान में ढाई से तीन घंटे का समय लगता है।
दो साल पूर्व एनएचएआई ने पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी। इसमें 2016 पेड़ शामिल थे। कोर्ट ने 1963 पेड़ों को काटने और 53 पेड़ों को ट्रांस लोकेट करने की अनुमति दी है। अनुमति मिलने से अब यह कार्य तेजी से पूरा होगा।
एक्सप्रेसवे चार लेन का बनेगा। शर्तों में वन भूमि के डायवर्जन (दूसरे काम में इस्तेमाल) के लिए मंज़ूरी, मुआवेज के तौर पर पेड़ लगाना भी शामिल है। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के किनारे भी पेड़ लगाए जाएंगे।
4613 करोड़ रुपये से बन रहा ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे
आगरा से ग्वालियर पहुंचना और भी आसान होने जा रहा है। एनएचएआई ग्वालियर और आगरा खंड द्वारा 4613 करोड़ रुपये से छह लेन का एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। 88 किमी लंबे एक्सप्रेसवे के लिए चंबल नदी पर हैंगिंग पुल बनाया जाएगा। इसका कार्य शुरू हो गया है। भूमि अधिग्रहण का कार्य अंतिम चरण में है। एक साल पूर्व 759 पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी गई थी जिसमें कोर्ट ने 650 पेड़ों को काटने और 109 पेड़ों को ट्रांस लोकेट किया जाएगा।
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एक्सप्रेसवे का कार्य दो साल में पूरा होगा। शर्तों में मुआवजे के तौर पर पेड़ लगाना, हाईवे के किनारे ग्रीन बेल्ट बनाना, और धूल कम करने के उपाय शामिल हैं।
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988 करोड़ रुपये से रेल ट्रैक का हो रहा दोहरीकरण
आगरा फोर्ट-बांदीकुई के मध्य 150 किमी लंबे रेल ट्रैक का दोहरीकरण किया जा रहा है। यह कार्य 988 करोड़ रुपये से हो रहा है। ट्रैक का दोहरीकरण होने से ट्रेनों की संख्या और गति दोनों बढ़ जाएंगी। इससे यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। एक साल पूर्व रेलवे ने 1623 पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी। इसमें 52 पेड़ निजी भूमि के थे। शर्तों में क्षतिपूरक वनीकरण और रेलवे की खाली भूमि पर हरियाली बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।