गाजियाबाद में बढ़ रहे भ्रूण लिंग जांच के मामले, 5 साल में 36 FIR दर्ज; हरियाणा की टीमें कर रहीं खुलासा
गाजियाबाद में स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बावजूद भ्रूण लिंग जांच के मामले बढ़ रहे हैं। एक साल में 36 अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर वाद दर्ज हुए, लेकिन हरिय ...और पढ़ें
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गाजियाबाद जिले में भ्रूण लिंग जांच के केस बढ़ रहे हैं। एआई जनरेटेड

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
मदन पांचाल, गाजियाबाद। स्वास्थ्य विभाग की सख्ती कमजोर होने से गाजियाबाद जिले में भ्रूण लिंग जांच के केस बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट में पता चला है कि जिले में संचालित 395 अल्ट्रासाउंड केंद्रों के सापेक्ष पांच प्रतिशत की भी डोर टू डोर जांच नहीं हो रही है।
लोनी, साहिबाबाद और डासना क्षेत्र में तो टीम जांच के नाम पर जाने से घबराती है। एक बार टीम के सदस्य को मार-पीटकर घायल तक किया जा चुका है। शासन के आदेश पर टीम के इस सदस्य को गनर तक दिया गया है।
9 अल्ट्रासाउंड केंद्रों का पंजीकरण निलंबित
जिला स्वास्थ्य समिति को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले एक साल में 36 अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों के विरुद्ध पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत सक्षम कोर्ट में वाद दायर किए गए हैं। छोटी-मोटी कमी पाए जाने पर 9 अल्ट्रासाउंड केंद्रों का पंजीकरण निलंबित किया गया है। फिर भी जिले में लिंग जांच के केस लगातार सामने आ रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, मिथ्या ग्राहक (डिकोय) द्वारा कराई गई चार छापामार कार्रवाई के आधार पर अपंजीकृत पकड़े गए क्लीनिकों और सील किये गये क्लीनिकों की संख्या शून्य दर्शाई गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, जिला समुचित प्राधिकारी स्तर से किए गए निरीक्षणों की संख्या अप्रैल माह तक 346 दर्शाई गई है। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम जरूर डिकोय के आधार पर हर महीने जिले में लिंग जांच का पर्दाफाश कर रही है।
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यह स्थिति तब है जबकि आन रिकॉर्ड जिले का लिंग अनुपात एक हजार पुरुषों के सापेक्ष 959 महिला हैं। इतना ही नहीं शून्य से छह वर्ष के जन्मे बच्चों का लिंग अनुपात घटकर एक हजार पुरुषों के सापेक्ष 850 महिला है।
पांच साल में 36 एफआइआर दर्ज
हरियाणा की पीसीपीएनडीटी (गर्भ धारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक-विनियमन और दुरुपयोग अधिनियम) टीमों द्वारा पड़ोसी राज्यों में छापामारी कर 236 एफआइआर दर्ज कराई गई है। इनमें से 110 एफआइआर उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में दर्ज है। सबसे अधिक गाजियाबाद में विगत पांच वर्षों में 36 एफआइआर दर्ज कराई गईं हैं।
हरियाणा की टीम ने विगत पांच साल में सबसे अधिक छापामार कार्रवाई लोनी क्षेत्र में ही की है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को छापे की भनक एफआइआर दर्ज कराने के बाद लगती है।
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जिले में भ्रूण जांच को लेकर मारे गए कुछ छापों का विवरण
- 13 मई 2023 को नंदग्राम में छापा मारकर तीन लोग पकड़े गए
- 14 मई 2023 को लोनी में छापा मारकर दो लोग पकड़े गए
- 16 मई 2023 को गनौली गांव में छापा मारा गया
- 26 मई को डीएलएफ में छापा मारकर दो लोगों को पकड़ा गया
- 31 मई को लोनी में छापा मारकर तीन लोगों को पकड़ा गया
- 20 जून को अशोक विहार में छापा मारकर दो लोगों को पकड़ा गया
- 23 जून को बेहटा हाजीपुर में छापा मारकर महिला को पकड़ा गया
- दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 को लोनी में छापा मारकर तीन पकड़े
- मई 2025 को लालकुआं में छापा मारकर महिला समेत दो पकड़े
- 10 मार्च 2026 को विजयनगर क्षेत्र में झज्जर की टीम ने दो पकड़े गए
डिकोय की व्यवस्था प्रदेश में नहीं है। स्थानीय स्तर पर छापामार कार्रवाई सतत जारी है। खोड़ा और क्रासिंग रिपब्लिक क्षेत्र में दो अल्ट्रासाउंड मशीन सील की गईं हैं। हरियाणा की टीम द्वारा छापामार कार्रवाई में स्थानीय अधिकारी शामिल रहते हैं। नौ केंद्रों का पंजीकरण निलंबित करने के अलावा 36 केंद्रों के खिलाफ सक्षम कोर्ट में वाद दायर किये गये हैं। - डॉ.अमित विक्रम, कार्यवाहक सीएमओ