विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पूरी तरह बंद, शुक्रवार सुबह 8 बजे से डायवर्जन लागू

Published: Thu, 06 Aug 2026 11:23 PM (IST)Updated: Fri, 07 Aug 2026 08:42 AM (IST)

आज शुक्रवार सुबह 8 बजे से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सभी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, क्योंकि कांवड़ियों की संख्या लगातार ...और पढ़ें

कांवड़ के चलते दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसव बंद। फोटो: जागरण

कांवड़ के चलते दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसव बंद। फोटो: जागरण

HighLights

  1. शुक्रवार सुबह आठ बजे से डीएमई पर नो-एंट्री

  2. कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ के कारण लिया गया निर्णय

  3. एनएच-9, ईपीई, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे वैकल्पिक मार्ग

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा में कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए आज शुक्रवार सुबह 8 बजे से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।

डीएमई बंद होने के बाद दिल्ली से मेरठ और उससे आगे जाने वाले वाहनों को डासना इंटरचेंज से एनएच-9 पर उतारकर हापुड़ के रास्ते गंतव्य तक भेजा जाएगा।

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और एनएच-9 को प्रमुख वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इस व्यवस्था से कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव कम रहेगा।

मेरठ रोड पर बढ़ी कांवड़ियों की आवाजाही

मेरठ रोड पर कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हरिद्वार से लौट रहे डाक कांवड़ और सामान्य कांवड़ियों के जत्थे दिनभर मेरठ रोड से गुजर रहे हैं। इसे देखते हुए मेरठ से दिल्ली जाने वाली लेन पहले ही कांवड़ियों के लिए सुरक्षित कर दी गई है।

कई कट बंद हैं और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रैफिक पुलिस लगातार वाहनों की आवाजाही पर नजर बनाए हुए है। यातायात अधिकारियों के अनुसार आने वाले दो दिन कांवड़ यात्रा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण हैं।

इसी कारण डायवर्जन व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे मेरठ रोड और डीएमई की बजाय निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें, जिससे अनावश्यक जाम से बचा जा सके।

सुबह आठ बजे से लागू रहेगा प्रतिबंध

डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन ने बताया कि शुक्रवार सुबह आठ बजे से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में कम प्रेशर से पानी की समस्या, 70 हजार आबादी परेशान

यह भी पढ़ें- Kanwar Yatra 2026: सुरक्षा में कोताही पर गाजियाबाद के 4 होटल और सोसाइटीज पर कोर्ट में केस दर्ज