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    गाजियाबाद में आवारा जानवरों का आतंक, 162 लोग घायल; 74 बच्चे भी शामिल

    Updated: Wed, 13 May 2026 06:37 PM (IST)

    गाजियाबाद में आवारा कुत्तों, बंदरों और बिल्लियों के हमलों से 24 घंटे में 162 लोग घायल हुए, जिनमें 74 बच्चे शामिल हैं और सात गंभीर रूप से घायल हैं। ...और पढ़ें

    एंटी रेबीज वैक्सीन की डोज लगवाने सरकारी अस्पतालों में पहुंचे 299 लोग

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    HighLights

    1. गाजियाबाद में 24 घंटे में 162 लोग घायल हुए।

    2. इनमें 74 बच्चे और सात गंभीर रूप से घायल शामिल।

    3. अब खरगोश, चूहों के काटने का भी विवरण बनेगा।

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक जारी है। बुधवार को विजयनगर की रहने वाले 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला राजबीरी को दो खूंखार कुत्तों ने घर के बाहर ही गंभीर रूप से घायल कर दिया।

    महिला का पोता उन्हे लेकर जिला एमएमजी अस्पताल पहुंचा। डॉ. नितिन प्रियदर्शी ने बताया कि एआरवी के अलावा बुजुर्ग महिला को एंटी रेबीज सीरम लगाया गया। इसके अलावा तान्या,कमलेश, लक्ष्मी और इकरा को भी एंटी रेबीज सीरम लगाया गया।

    उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन पर बंदरों ने हमला करके शंकरपुरी के रहने वाले रत्नेश के चार साल के बेटे कार्तिक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। बुधवार को जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में 74 बच्चों समेत 162 लोगों को आवारा कुत्तों के अलावा बंदर और बिल्लियों ने काटा है।

    इनमें से सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उपचार के बाद सभी को एंटी रेबीज सीरम लगाते हुए घर भेज दिया गया। जिला एमएमजी अस्पताल में 180 और संयुक्त अस्पताल में 89 लोगों ने पहुंचकर एआरवी लगवाई। यहां पर दो लोगों को एंटी रेबीज सीरम लगाया गया। डूंडाहेड़ा स्थित संयुक्त अस्पताल में कुल 30 लोगों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई।

    खरगोश और चूहे काटने का बनेगा अलग विवरण

    अस्पतालों की ओपीडी में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे लोगों का अब अलग-अलग विवरण बनेगा। जिला एमएमजी अस्पताल में कुत्ते,बिल्ली,बंदर और चूहों से काटने वाले लोगों का विवरण बनाया जा रहा था। इसी के साथ अब खरगोश के काटने वालों का विवरण भी बनाया जायेगा।

    संयुक्त अस्पताल में इनकी अलग-अलग रिपोर्ट बनाकर भेजी जा रही है। शासन के निर्देश पर जानवरों के काटने का पूरा डाटा तैयार किया जा रहा है। पीएचसी और सीएचसी से रेफर होकर जिला अस्पताल आने वाले लोगों का रिकार्ड भी बनाया जा रहा है।

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    बच्चों की उम्र के संग बुजुर्ग का अलग से रजिस्टर में पूरा विवरण दर्ज किया जा रहे है। एआरवी और एंटी रेबीज सीरम की बढ़ती खपत का आकलन करने को यह विवरण बनाया जा रहा है।