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    लखनऊ अग्निकांड के बाद गाजियाबाद में एक्शन, फायर NOC के बिना संचालित 62 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी सील

    Updated: Wed, 24 Jun 2026 07:40 AM (IST)

    लखनऊ अग्निकांड के बाद गाजियाबाद में चलाए गए अभियान में 206 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी बिना फायर एनओसी के संचालित पाए गए। इनमें से 62 को सील कर दिया गया ...और पढ़ें

    लखनऊ अग्निकांड के बाद गाजियाबाद में व्यापक अभियान चला।

    लखनऊ अग्निकांड के बाद गाजियाबाद में व्यापक अभियान चला।

    HighLights

    1. गाजियाबाद में 206 कोचिंग सेंटर बिना फायर एनओसी के मिले।

    2. इनमें से 62 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी को सील किया गया।

    3. अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर कार्रवाई जारी रहेगी।

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। दक्षिणी दिल्ली के एक रेस्त्रां में आग लगने के कारण इस माह हुई 21 लोगों की मौत के बाद सोमवार को लखनऊ के अलीगंज में फायर एनओसी के बिना संचालित अवैध व्यावसायिक भवन में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई।

    इसके बाद शासन के निर्देश पर मंगलवार को जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की जीडीए द्वारा जांच की गई जांच में 206 कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी बिना फायर एनओसी के संचालित मिले, इनमें से 62 को सील कर दिया गया है। शेष पर सीलिंग की कार्रवाई जल्द किए जाने की संभावना है।

    गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने जिले के आवासीय परिसरों, होटलों, बैंक्वेट हाल, रेस्त्रां, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व अन्य बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।

    प्राधिकरण की प्रवर्तन टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण एवं अभिलेखों का परीक्षण कर अग्निशमन विभाग की ओर से जारी किए जाने अनापत्ति प्रमाण पत्र की उपलब्धता व सुरक्षा प्रावधानों का परीक्षण किया जा रहा है।

    निरीक्षण के दौरान जिन भवनों एवं प्रतिष्ठानों में निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं पाया गया उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। अभियान के नोडल अधिकारी जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि जिले में 206 कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी बिना फायर एनओसी के संचालित मिले है, इनमें से 62 को मंगलवार को सील किया गया है।

    आवासीय समूह में आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को पत्र जारी कर परिसर में स्थापित अग्निशमन प्रणाली, फायर अलार्म, हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग तथा अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि जिले में अग्निशमन विभाग की क्षमता को बढ़ाने के लिए 100 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है।

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    इस धनराशि से आधुनिक अग्निशमन उपकरणों, विशेषीकृत फायर फाइटिंग संयंत्रों, आवश्यक संसाधनों की खरीद अग्निशमन विभाग द्वार की जाएगी। इससे बहुमंजिला भवनों व आवासीय परिसरों सहित अन्य क्षेत्रों में आग लगने पर त्वरित व प्रभावी ढंग आग पर नियंत्रण पाने की कार्यवाही की जाएगी।

    अग्निनशमन विभाग ने 35 कोचिंग सेंटरों जारी किए नोटिस

     अग्निशमन विभाग ने मंगलवार को कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी की चेकिंग के लिए अभियान चलाया। प्रशासन, विद्युत निगम और पुलिस के साथ दमकलकर्मियों ने जनपद में 81 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण अंबेडकर रोड, शास्त्रीनगर, आरडीसी, साहिबाबाद, मोदीनगर और मुरादनगर क्षेत्र में किया गया।

    चेकिंग में 35 संस्थानों में आग से बचाव के प्रबंध नहीं पाए जाने पर उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के मुताबिक आरडीसी में पांच प्रतिष्ठानों का बिजली कनेक्शन विद्युत निगम ने काट दिया।

    हालांकि इन इमारतों में अन्य वित्तीय संस्थान एवं आफिस खुले होने के कारण प्राधिकरण की टीम ने कोचिंग सेंटर सील कर बाकी इमारत की बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई। बुधवार को भी जनपद में कोचिंग सेंटरों की जांच की जाएगी।

    निरीक्षण के दौरान ज्यादातर कोचिंग सेंटरों में मिली खामियां

    • कोचिग सेंटर में प्रवेश व निकास द्वार अलग - अलग नहीं मिले।
    • आग से बचाव के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध नहीं मिले।
    • कोचिंग सेंटरों में फायर अलार्म सिस्टम भी नहीं लगा मिला।
    • निकास वाले स्थानों पर अतिक्रमण मिला।
    • कोचिंग सेंटरों का संचालन आवासीय भवनों में किया जाता मिला।

    गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने आमजन से की अपील

    • फायर ड्राइव-वे , खुले क्षेत्रों एवं आपातकालीन निकास मार्गों को पूर्णत: अवरोधमुक्त रखा जाए।
    • अग्निशमन उपकरणों , फायर अलार्म, हाइड्रेंट सिस्टम का नियमित परीक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
    • फायर एनओसी की वैधता का समय - समय पर नवीनीकरण कराया जाए।
    • स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अथवा निर्माण न करें।
    • प्रत्येक बहुमंजिला व व्यावसायिक भवनों में प्रशिक्षित फायर सेफ्टी स्टाफ को नियुक्त किया जाए और आपातकालीन
    • प्रतिक्रिया तंत्र विकसित किया जाए।