Ghaziabad AQI: तीन वर्ष के मुकाबले इस साल मई में अधिक खराब रही गाजियाबाद की हवा, प्रदूषण के मुख्य कारण उजागर
गाजियाबाद में इस साल मई में पिछले तीन वर्षों की तुलना में हवा की गुणवत्ता सबसे खराब रही, जिसमें 16 दिन खराब और एक दिन बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया ग ...और पढ़ें

गाजियाबाद की हवा खराब।
HighLights
इस साल मई में गाजियाबाद की हवा सबसे खराब रही।
मई में 16 दिन खराब, एक दिन बेहद खराब हवा।
धूल, अवैध फैक्ट्रियां, निर्माण कार्य प्रदूषण के कारण।
राहुल कुमार, साहिबाबाद। बीते तीन वर्ष के मुकाबले इस साल मई में जिले की हवा सबसे खराब रही है। इस बार मई में एक्यूआइ 16 दिन खराब व एक दिन बेहद खराब श्रेणी में रहा। इससे पहले मई 2022 में हवा सबसे खराब रही थी।
हवा 19 दिन खराब व दो दिन बेहद खराब रही थी। सड़कों पर उड़ती धूल, अवैध फैक्ट्री, निर्माण कार्य व ध्वस्तीकरण प्रदूषण का मुख्य कारण बने हुए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की जांच में भी यही कारण सामने आए हैं।
मई 2025 में महज तीन दिन हवा खराब रही थी। इसके अलावा मई 2024 में 12 दिन खराब व एक दिन बेहद खराब रही थी। वर्ष 2023 में मई में सात दिन खराब व एक दिन बेहद खराब रही थी। इस बार मई में हवा अधिक जहरीली रही है। केवल एक दिन हवा मध्यम श्रेणी में रही।
बाकी 16 दिन खराब व 11 दिन संतोषजनक रही। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के तमाम दावों के बाद भी लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिल रही है।
अधिकारी प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई के साथ ही चार टीम बनाकर निगरानी करने का भी दावा करते हैं। इसके अलावा नगर निगम व नगर पालिका के अधिकारी सड़कों पर पानी का छिड़काव करने के दावे करते हैं।
सीएक्यूएम के निरीक्षण में 24 स्थानों पर मिला था उल्लंघन
सीएक्यूएम ने चार दिन पहले ही आपरेशन क्लीन एयर के अंतर्गत गाजियाबाद के क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। सड़क की धूल के अत्यधिक जमाव और निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) कचरे के संचय के 24 मामले पाए गए। सूरदास मार्ग, मेरठ रोड, टैगोर रोड, बीएन शर्मा रोड, सेंट थामस मार्ग, महाराणा प्रताप मार्ग, औद्योगिक क्षेत्र रोड आदि सहित विभिन्न सड़क खंडों पर उल्लंघन पाया गया था। निरीक्षण में सामने आया कि सफाई कार्यों में लापरवाही, धूल रोकने के अप्रयाप्त उपाय और निर्माण व ध्वस्तीकरण के कार्य प्रदूषण के मुख्य कारण हैं।
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लोनी में प्रदूषण का मुख्य कारण अवैध फैक्ट्री
लोनी में प्रदूषण का मुख्य कारण अवैध फैक्ट्रियों का संचालन है। यहां बड़ी संख्या में घरों में ई-वेस्ट व तार जलाकर धातु निकालने का कार्य किया जा रहा है। स्थानीय लोग आए दिन शिकायत भी करते हैं, लेकिन जिम्मेदार रोक नहीं लगा पा रहे हैं।
इन बिंदुओं पर कार्य करने का है दावा
-सड़कों पर पानी का छिड़काव।
-अवैध फैक्ट्रियों पर कार्रवाई।
-पुराने वालों को सीज करना।
-कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई।
-निर्माण कार्यों में नियमों का पालन।
मई में कितने दिन किस श्रेणी में रही हवा
श्रेणी एक्यूआइ
साफ 00
संतोषजनक 01
मध्यम 12
खराब 16
बेहद खराब 01
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चार टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। संबंधित विभागों को अपने कार्य जिम्मेदारी से करने के लिए सीएक्यूएम ने पत्र लिखा है।
-अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी।