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    गाजियाबाद में दिव्यांग गर्भवती को अस्पताल ने लौटाया, एंबुलेंस में हुआ सुरक्षित प्रसव

    Updated: Thu, 29 Jan 2026 04:20 AM (IST)

    गाजियाबाद के जिला महिला अस्पताल ने प्रसव पीड़ा से जूझ रही दिव्यांग गर्भवती सविता को चार घंटे बाद रेफर कर दिया। अस्पताल से जीटीबी ले जा रही एंबुलेंस मे ...और पढ़ें

    दिव्यांग गर्भवती महिला का एंबुलेंस में हुआ सुरक्षित प्रसव।

    दिव्यांग गर्भवती महिला का एंबुलेंस में हुआ सुरक्षित प्रसव।

    HighLights

    1. दिव्यांग गर्भवती को जिला महिला अस्पताल ने रेफर किया।

    2. एंबुलेंस में ईएमटी और पायलट ने सुरक्षित प्रसव कराया।

    3. सीएमओ ने घटना को चिंताजनक बताकर जांच के आदेश दिए।

    मदन पांचाल, गाजियाबाद। घर से प्रसव पीड़ा के बाद एंबुलेंस में अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव के प्रकरण तो खूब सामने आते हैं लेकिन पहली बार जिला महिला अस्पताल से प्रसव पीड़ा से कराहती दिव्यांग गर्भवती को चार घंटे तक जांच के नाम घुमाने के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया।

    खास बात यह है कि जिला महिला अस्पताल से गर्भवती महिला को जीटीबी ले जा रही एंबुलेंस में करन गेट चौकी के पास एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। ईएमटी मौहम्मद सालिम और पायलट शिवम की सूझ बूझ से यह सुरक्षित प्रसव हुआ। बाद में ईएमटी ने जच्चा-बच्चा को जीटीबी में भर्ती कराया।

    चौंकाने वाली बात यह है कि जिला महिला अस्पताल में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ ने महिला के पति को सलाह दी कि बच्चे की धड़कन बढ़ी हुई है। प्रसव में अभी दो सप्ताह का समय है। मामला 21 जनवरी का है। मोहननगर में रहने वाले कामगार ज्ञान सिंह की 25 वर्षीय दिव्यांग(एक पैर छोटा ) पत्नी सविता को प्रसव पीड़ा होने लगी।

    102 एंबुलेंस सेवा बुलाकर ज्ञान सिंह सुबह नौ बजे जिला महिला अस्पताल पहुंचा। यहां पर आशा के सहयोग से चिकित्सकों ने सविता की जांच की। ज्ञान सिंह ने बताया कि बाहर से अल्ट्रासाउंड कराया गया। ज्ञान सिंह का आरोप है कि इतना घुमाया गया कि कई बार रोना आ गया। डेढ़ बजे चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। ज्ञान सिंह ने बताया कि करन गेट चौकी के पास प्रसव पीड़ा बढ़ने लगी।

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    ईएमटी ने एंबुलेंस सड़क किनारे लगाकर मेडिकल किट से सुरक्षित प्रसव कराया। सविता ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है। उधर सीएमओ डा. अखिलेश मोहन का कहना है कि इस प्रकरण की पूरी जांच कराने के बाद ही कुछ कहना संभव होगा। उनका कहना है कि अस्पताल से रेफर होने के बाद एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव होना मातृत्व सुरक्षित अभियान के लिए चिंताजनक है।

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