विद्युत निगम का मनमाना खेल, गाजियाबाद में अवैध फैक्ट्रियों के कनेक्शन जोड़ने पर उठे सवाल; UPPCB बेबस
गाजियाबाद में अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद, काटे गए बिजली कनेक्शनों को बिना अनुमति फिर से जोड़ा जा रहा है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड।
HighLights
अवैध फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन बिना अनुमति फिर जुड़े।
गाजियाबाद में हजारों अवैध इकाइयां, जल-वायु प्रदूषण बढ़ा रही हैं।
प्रदूषण बोर्ड और विद्युत निगम के अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप।
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। पहले उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विद्युत निगम और जिला प्रशासन की टीम मिलकर आए दिन अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई करती हैं।
इन फैक्ट्रियों का संचालन रोकने के लिए बिजली कनेक्शन काटे जाते हैं, लेकिन कुछ दिन बाद ही विद्युतकर्मी चुपचाप कनेक्शन जोड़ देते हैं। जबकि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कोई अनुमति भी नहीं ली जाती।
जिले के भोपुरा, लोनी, ट्रोनिका सिटी, साहिबाबाद, मसूरी समेत विभिन्न आवासीय क्षेत्रों में हजारों अवैध फैक्ट्रियों का संचालन किया जा रहा है। इन फैक्ट्रियों से जल और वायु प्रदूषण फैलाया जा रहा है।
करीब 80 फैक्ट्रियों के काटे गए थे बिजली कनेक्शन
अवैध फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करने के लिए आए दिन टीम गठित की जाती हैं। औचक निरीक्षण करते हुए फैक्ट्रियों को सील भी किया जाता है, लेकिन कुछ दिन बाद ही खुल जाती हैं और फिर से प्रदूषण फैलाना शुरू कर देती हैं।
लोनी, भोपुरा समेत विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में की है। लोनी के एक निवासी ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि बीते तीन माह में यहां करीब 80 फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन काटे गए थे, लेकिन वर्तमान में इनमें से ज्यादातर फिर से संचालित हो रही हैं।
महज एक से दो सप्ताह बंद रहने के बाद फिर से खोल दिया गया है। इनके कनेक्शन भी जोड़ दिए गए हैं। ऐसी ही शिकायत यूपीपीसीबी में भोपुरा निवासी नितिन पाठक ने करते हुए कहा कि बीते दिनों जिन फैक्ट्रियों के कनेक्शन काटे थे वह अब सभी संचालित हो रही हैं।
बीते एक वर्ष में करीब 250 से अधिक फैक्ट्री के काटे कनेक्शन
प्रदूषण बोर्ड और विद्युत निगम ने बीते एक वर्ष में करीब 250 फैक्ट्रियों को कनेक्शन काटे हैं। ये फैक्ट्री मानकों का पालन नहीं कर रही थीं या फिर पूरी तरह से अवैध संचालित हो रही थीं। जिन-जिन क्षेत्रों में फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की गई वहां के लोगों का कहना है कि एक फैक्ट्री पर कार्रवाई होती है उसके सापेक्ष कई नई फैक्ट्री शुरू हो जाती हैं। जिसे पर कार्रवाई होती है वह भी कुछ दिन में शुरू हो जाती है।
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हम कार्रवाई के दौरान बिजली कनेक्शन कटवा देते हैं, लेकिन विद्युत निगम फिर से जोड़ देता है। हमारे स्तर से इसके लिए कोई अनुमति नहीं दी जाती है। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भी भेजी जाएगी।
-अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी।
जब फैक्ट्री संचालक अनुमति लिखवाकर लाता है तभी विद्युत निगम कनेक्शन जोड़ता है। अगर कोई कर्मी गलत तरीके से कनेक्शन जोड़ता है तो शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-अखिलेश सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम।
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