गाजियाबाद MMG अस्पताल में सांस की दिक्कत से छह की मौत, प्रदूषण बना जानलेवा
गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में पिछले 12 घंटों में 13 वर्षीय किशोर सहित छह मरीजों की मौत हो गई। ...और पढ़ें

गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में पिछले 12 घंटों में 13 वर्षीय किशोर सहित छह मरीजों की मौत हो गई। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। मौसम में बदलाव के साथ ही बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में दिक्कतें होने लगी हैं। जिला MMG अस्पताल के इमरजेंसी विभाग से मिली मृत्यु रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 12 घंटों में डॉक्टरों ने मेडिकल जांच के बाद छह मरीजों जिनमें एक किशोर भी शामिल है, उसे मृत घोषित कर दिया है।
इनमें 71 वर्षीय रियाजुद्दीन (बनवारी नगर निवासी) को COPD के कारण; 62 वर्षीय महेश (कांशीराम आवासीय योजना निवासी) को सांस लेने में दिक्कत के कारण; और 60 वर्षीय कविता (बहरामपुर निवासी) को हाइपरटेंशन और दिल का दौरा पड़ने के कारण मृत घोषित किया गया। इसके अलावा, यश जो सत्येंद्र (विजय नगर क्षेत्र के शाहबेरी चौक निवासी) का 13 वर्षीय बेटा था, उसे सांस फूलने के कारण मृत घोषित किया गया।
बच्चे को कई दिनों से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी; लेकिन उसके परिजन उसकी मेडिकल जांच नहीं करवा पाए थे। आशंका है कि बच्चे की मौत फेफड़ों में गंभीर संक्रमण (लंग इन्फेक्शन) के कारण हुई। तीन दिन पहले, 16 वर्षीय महक की भी फेफड़ों के संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई थी। इसके अतिरिक्त, 32 वर्षीय संतोष जिसे विजय नगर से मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था, उसके बारे में भी बताया गया कि उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
51 वर्षीय गया मोहन को भी फेफड़ों के संक्रमण के कारण मृत घोषित किया गया। बढ़ते वायु प्रदूषण और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण लोगों का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ रहा है। विशेष रूप से, सांस लेने में दिक्कत का सामना कर रहे मरीजों को खासकर शाम के समय इमरजेंसी वार्ड में तत्काल भर्ती करने की आवश्यकता पड़ रही है।
खबरें और भी
फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा का कहना है कि मौसम में बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) वाले लोगों पर पड़ता है। लोगों को मास्क पहनना चाहिए, धूल और सीधी धूप के संपर्क में आने से बचना चाहिए, और सुबह-शाम के समय घर के अंदर ही योग का अभ्यास करना चाहिए।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से भी बचना चाहिए। सांस फूलने या सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए और अपनी जांच करवानी चाहिए। धूम्रपान से पूरी तरह बचना चाहिए, और संतुलित व पौष्टिक आहार लेना चाहिए तथा खूब पानी पीना चाहिए।