गाजियाबाद MMG अस्पताल में हड़ताल, नर्सों से मारपीट के बाद धरने पर बैठे डॉक्टर; OPD बंद होने से मची आफत
गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में स्टाफ नर्सों से मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई न होने से नाराज स्वास्थ्यकर्मियों ने ...और पढ़ें

महिला स्टाफ के साथ हुई बदतमीजी पर कार्रवाई न होने पर जिला एमएमजी हॉस्पिटल में डॉक्टर और स्टाफ हड़ताल पर। फोटो: जागरण
HighLights
स्टाफ नर्सों से मारपीट पर पुलिस कार्रवाई न होने से हड़ताल
एमएमजी अस्पताल में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप
स्वास्थ्यकर्मी आरोपी महिला की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जिला एमएमजी अस्पताल में स्टाफ नर्सों के साथ मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं होने से नाराज स्वास्थ्यकर्मियों ने शनिवार को हड़ताल शुरू कर दी। अस्पताल परिसर में इमरजेंसी वार्ड के सामने चिकित्सक, नर्स, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वॉय और चपरासी धरने पर बैठ गए हैं।
बताया गया है कि आठ जुलाई को मरीज अरविंद मिश्रा की पत्नी ने स्टाफ नर्स हिना विक्टर, दीपा और अलका के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी। स्वास्थ्यकर्मियों का आरोप है कि घटना के कई दिन बाद भी पुलिस ने आरोपित महिला के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
महिला की गिरफ्तारी की मांग
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने मांग की है कि मारपीट की आरोपी महिला को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सीएमएस ने उठाए पुलिस पर सवाल
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि घटना के चार दिन बाद प्राथमिकी दर्ज होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे पुलिस की मनमानी करार दिया।
ओपीडी बंद होने से मरीज परेशान
स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल का असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा है। ओपीडी सेवाएं ठप होने से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और वे इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
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